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महादेव सट्टेबाजी मामले में CBI की कार्रवाई: अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में CBI ने अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी दुबई से लौटने के बाद हुई। CBI की जांच में अभिषेक पर ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के संचालन का आरोप है। इस मामले में 13 FIR दर्ज की गई थीं और CBI ने अब तक 100 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल जैसे प्रमुख प्रमोटरों की वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगे की कार्रवाई के बारे में।
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महादेव सट्टेबाजी मामले में CBI की कार्रवाई


महादेव सट्टेबाजी मामले में CBI की कार्रवाई: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मामले में अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। CBI के अनुसार, अभिषेक को गुरुवार को दुबई से लौटने के बाद हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ा गया। जांच में उन पर 'महादेव बुक' के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के संचालन का आरोप है। अभिषेक ने सट्टेबाजी से प्राप्त धन से दुबई में संपत्तियां भी खरीदीं। गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है।


हैदराबाद से रायपुर तक की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद अभिषेक कुमार को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने CBI को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। इसके बाद उन्हें रायपुर ले जाया गया, जहां अदालत ने CBI को दो दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की। CBI की यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े मामलों की जांच के दौरान की गई है। एजेंसी का कहना है कि आगे की जांच में अन्य फरार आरोपियों का पता लगाने और धन के स्रोत की जांच जारी है।


13 FIR के बाद CBI ने संभाली जांच

CBI के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव सट्टेबाजी ऐप से संबंधित 13 FIR केंद्रीय एजेंसी को सौंपी थीं। इसके बाद CBI ने इन मामलों की जांच अपने हाथ में ली। अब तक, एजेंसी ने 100 आरोपियों के खिलाफ आठ आरोप-पत्र दाखिल किए हैं, जिनमें मुख्य प्रमोटर, पैनल ऑपरेटर और हवाला ऑपरेटर शामिल हैं।


सौरभ और रवि की वापसी की कोशिश

जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटरों में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल शामिल हैं। दोनों भारत से बाहर हैं और उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। CBI ने अब तक सात रेड कॉर्नर नोटिस और दो प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे हैं।


₹80,000 करोड़ की रकम का दावा

महादेव ऑनलाइन बुक मामले में जांच एजेंसियों ने नेटवर्क से जुड़ी अपराध की आय का आंकड़ा लगभग ₹80,000 करोड़ बताया है। हाल की ED कार्रवाई में भी इसी राशि का दावा किया गया है। CBI की ताजा कार्रवाई इस पूरे नेटवर्क में वित्तीय लेनदेन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों की जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।