महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
महाराष्ट्र में बारिश का कहर
महाराष्ट्र: पिछले तीन दिनों से जारी मूसलधार बारिश ने महाराष्ट्र और गुजरात में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से महाराष्ट्र-गुजरात सीमा के आस-पास स्थिति अत्यंत गंभीर है। लगातार बारिश के कारण दोनों राज्यों के बीच आवागमन में भारी बाधा उत्पन्न हो गई है। कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव हो गया है, जिससे यातायात लगभग ठप हो गया है।
लंबा जाम और फंसी गाड़ियां
कई किलोमीटर लंबा जाम, हजारों गाड़ियां फंसी:
मुंबई और गुजरात को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 48 इस समय सबसे अधिक प्रभावित है। यहां लगभग 35 से 40 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। पिछले 2-3 दिनों से हजारों वाहन सड़क पर फंसे हुए हैं। जलभराव और खराब सड़क की स्थिति के कारण गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। लोग घंटों तक अपनी गाड़ियों में बैठे रहने को मजबूर हैं। गुरुवार रात को बारिश थोड़ी कम हुई थी, लेकिन शुक्रवार को फिर से तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
सेना का काफिला भी प्रभावित
सेना का काफिला भी जाम में फंसा:
इस भीषण जाम का असर केवल आम नागरिकों पर नहीं, बल्कि सेना पर भी पड़ा है। महाराष्ट्र से गुजरात की ओर जा रहा सेना का काफिला भी इसी ट्रैफिक में फंस गया है। इसके अलावा, खराब मौसम के कारण वापी चेक पोस्ट को बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
भारी बारिश का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा है। दक्षिण गुजरात में रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण कई ट्रेनों को रोकना पड़ा है। दिल्ली-मुंबई रूट पर भी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मुंबई जाने वाली 7 ट्रेनों को मध्य प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया है, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पालघर में आपदा और बचाव कार्य
पालघर में दो की मौत, 244 लोगों को बचाया गया:
महाराष्ट्र के पालघर जिले में बारिश के कारण दो लोगों की जान चली गई है। प्रशासन और NDRF की टीमों ने मिलकर रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 244 लोगों को सुरक्षित निकाला। एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। दहानू और तलासरी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां कई स्थानों पर अब भी जलभराव है।
महाराष्ट्र और गुजरात की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और लोगों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक कार्यों के अलावा घर से बाहर न निकलें। जब तक मौसम में सुधार नहीं होता, तब तक यात्रा करने से बचें।
