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महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की संभावना

महाराष्ट्र की राजनीति में हालिया घटनाक्रमों ने नए समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दिया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्री प्रताप सरनाईक के बयान ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के पुनर्मिलन की अटकलों को हवा दी है। इस बीच, महाविकास अघाड़ी में दरारें भी स्पष्ट हो रही हैं। जानिए इस राजनीतिक उलटफेर के पीछे की कहानी और क्या हो सकता है भविष्य में।
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राजनीतिक उलटफेर के संकेत


महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर से बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रमुख नेता और कैबिनेट मंत्री प्रताप सरनाईक ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है, जिसने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के पुनर्मिलन की अटकलों को जन्म दिया है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या भविष्य में दोनों गुट एक हो सकते हैं, तो उन्होंने रहस्यमय तरीके से कहा, 'भविष्य में कुछ भी संभव है।'


यह बयान उस समय आया है जब विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) में दरारें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। बुधवार को एनसीपी (SP) के प्रमुख शरद पवार ने विधान भवन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय का दौरा किया, जिस पर उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी और शिंदे को 'गद्दार' कहा।


संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रताप सरनाईक ने कहा कि राजनीति में कोई भी व्यक्ति स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होता। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा, 'अगर भविष्य में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे एक ही गाड़ी में नजर आएं, तो हैरान मत होइएगा। किसी से इतनी नफरत मत कीजिए।'




दूसरी ओर, शरद पवार की पार्टी ने संजय राउत को 'दोगले मापदंड' अपनाने के लिए आलोचना की। एनसीपी (SP) ने कहा कि जब पवार उद्धव या राउत से मिलते हैं, तो उसे 'धुरंधर राजनीति' कहा जाता है, लेकिन विरोधी से मिलने पर सवाल उठाए जाते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विद्रोह के बाद शिवसेना दो धड़ों में विभाजित हो गई थी, लेकिन सरनाईक के इस हालिया बयान ने नए समीकरणों की चर्चा को जन्म दिया है.