महाराष्ट्र में दूध मिलावट का बड़ा मामला, एफडीए ने की छापेमारी
धाराशिव में दूध मिलावट का मामला
धाराशिव: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने एक बड़े दूध मिलावट के मामले का खुलासा किया है। अधिकारियों ने भूम शहर की मधुबन ट्रेडिंग कंपनी पर छापेमारी की, जहां से 1,525 किलो व्हे पाउडर और व्हे परमिट पाउडर बरामद किया गया। इस मामले में सात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
खरीदारी और लेन-देन का खुलासा
जांच में मिले दस्तावेजों से यह सामने आया है कि 1 जनवरी 2026 से अब तक लगभग 98 लाख रुपये का व्हे पाउडर खरीदा गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 1.98 करोड़ रुपये और 2025-26 में करीब 4.69 करोड़ रुपये की खरीद की गई है। प्रारंभिक जांच में 2,000 से अधिक बिक्री लेन-देन भी उजागर हुए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में व्हे पाउडर का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया।
दूध में मिलावट का संदेह
पुलिस को संदेह है कि जब्त किए गए व्हे पाउडर का उपयोग दूध में मिलावट के लिए किया गया हो सकता है। जांच के दौरान मिले सेल रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड से इसकी बड़े पैमाने पर सप्लाई के संकेत मिले हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इसकी पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
व्हे पाउडर क्या है?
व्हे पाउडर दूध से पनीर या चीज़ बनाने के दौरान निकलने वाले तरल को सुखाकर बनाया जाता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका उपयोग बेकरी, होटल और कई खाद्य उत्पादों में वैध रूप से किया जाता है। हालांकि, दूध या अन्य दुग्ध उत्पादों में कृत्रिम रूप से एसएनएफ (SNF) और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए इसका उपयोग नियमों के खिलाफ माना जाता है। ऐसे मामलों को खाद्य मिलावट की श्रेणी में रखा जाता है।
आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिशें जारी
मामला दर्ज होने के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही सप्लाई चेन और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है। यदि दूध में मिलावट की पुष्टि होती है, तो आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसमें भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और गंभीरता के आधार पर जेल की सजा का प्रावधान है। फिलहाल अधिकारी लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
