महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम: अवैध फ्लैटों की रजिस्ट्री पर रोक
अवैध निर्माण पर रोक लगाने का निर्णय
मुंबई: फ्लैट खरीद में धोखाधड़ी और अवैध निर्माण को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य में अनधिकृत निर्माण से संबंधित दस्तावेजों की रजिस्ट्री मंगलवार से प्रभावी रूप से बंद कर दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह कदम उठाया है। इस संदर्भ में एक नया सर्कुलर भी जारी किया गया है।
नए निर्देशों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन कर बने फ्लैटों की पहली बिक्री के एग्रीमेंट, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, डीड ऑफ अपार्टमेंट और ट्रांसफर डीड की रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, जिन इमारतों में मंजूर नक्शे से अधिक निर्माण किया गया है, उन फ्लैटों की रजिस्ट्री पर भी रोक लगाई जाएगी।
राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में 22 सितंबर 2026 को हुई बैठक में यह बात सामने आई थी कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के निर्माण परियोजनाएं बनाई जा रही हैं, और इनमें फ्लैट बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा, मंजूर नक्शे से अधिक क्षेत्रफल वाले फ्लैट भी बेचे जा रहे हैं। इस गड़बड़ी के कारण फ्लैट खरीदने वालों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
सरकार ने सभी सब-रजिस्ट्रार अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अनधिकृत निर्माण की रजिस्ट्री न करें। नियमों के अनुसार, किसी भी निर्माण परियोजना में फ्लैट की पहली बिक्री के एग्रीमेंट, खरीद दस्तावेज या ट्रांसफर डीड के साथ अन्य आवश्यक कागजात होना अनिवार्य है।
यदि परियोजना को रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट 2016 की धारा 3 के तहत महाराष्ट्र रेरा में रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता है, तो रेरा का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और प्राधिकृत नक्शा, जिसमें फ्लैट का क्षेत्रफल लिखा हो, प्रस्तुत करना होगा।
यदि रेरा में रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है, तो सक्षम प्राधिकारी से निर्माण की अनुमति, कमेंसमेंट सर्टिफिकेट, मंजूर नक्शा, जोन सर्टिफिकेट और मोजणी नक्शा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
यदि किसी भी मामले में दस्तावेज में उल्लिखित फ्लैट का क्षेत्र, मंजूर योजना में लिखे क्षेत्र से अधिक होगा, तो उसकी रजिस्ट्री नहीं की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सब-रजिस्ट्रार जानबूझकर इन निर्देशों का पालन नहीं करता है और अवैध निर्माण के दस्तावेज की रजिस्ट्री करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी।
