महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों के पास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर लगाया प्रतिबंध
स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक पर रोक
महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में 'स्टिंग' एनर्जी ड्रिंक और अन्य इसी प्रकार के उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाएगी। यह निर्णय उन तत्वों के कारण लिया गया है जो बच्चों के लिए हानिकारक माने जाते हैं। विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक विक्रम पाचपुते द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने इस फैसले का उल्लेख किया।
स्वास्थ्य पर एनर्जी ड्रिंक का प्रभाव
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) मंत्री नरहरि झिरवाल ने बताया कि यह निर्णय स्कूली बच्चों पर एनर्जी ड्रिंक के प्रभाव को लेकर उठाई गई चिंताओं के कारण लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए FDA को निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, स्कूलों को भी छात्रों को एनर्जी ड्रिंक के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया है।
स्कूलों के पास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर कार्रवाई
नरहरि झिरवाल ने कहा, 'स्कूलों के आसपास 'स्टिंग' एनर्जी ड्रिंक की बिक्री को लेकर उठाई गई चिंता सही है। यदि किसी स्कूल के 500 मीटर के दायरे में ऐसे उत्पादों की बिक्री होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।'
क्या सरकार बनाएगी नए नियम?
विधायक विक्रम पाचपुते ने यह भी पूछा कि क्या सरकार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एनर्जी ड्रिंक बेचने पर रोक लगाने के लिए कोई नियम बनाएगी। चर्चा के दौरान विधायकों राहुल कुल और वरुण सरदेसाई ने सरकार से ऐसे पेय पदार्थों की बच्चों तक आसान पहुंच को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की। इस पर मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा कि सरकार स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान को और मजबूत करेगी और प्रस्तावित प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करेगी।
