महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह को मिली बरी
महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी किया गया
करीब तीन साल के लंबे कानूनी संघर्ष के बाद, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। यह निर्णय 3 अगस्त 2026 को सुनाया गया। 2023 में, महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने कुश्ती संघ के कार्यालय, सरकारी आवास और विदेशों में पहलवानों का यौन शोषण किया। इस मुद्दे पर पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया, जिसमें विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल थे।
यह मामला दिल्ली पुलिस तक पहुंचा, FIR दर्ज की गई, चार्जशीट पेश की गई, और अंततः अदालत ने सबूतों की कमी के कारण बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया। विनोद तोमर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सचिव थे। 2023 से इस मामले की सुनवाई चल रही थी।
विवाद का संक्षिप्त विवरण
यह मामला जनवरी 2023 में तब शुरू हुआ जब कई महिला पहलवानों ने WFI के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। पहलवानों ने कहा कि विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंप और WFI से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। जंतर-मंतर पर धरने के दौरान कई महिला खिलाड़ियों ने अपने मेडल भी लौटाए। पहलवानों ने बृजभूषण की गिरफ्तारी और WFI को भंग करने की मांग की।
मुकदमे की धाराएं
कुल सात महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिनमें से एक नाबालिग थी। हालांकि, बाद में नाबालिग से संबंधित पॉक्सो मामला वापस ले लिया गया। दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (स्त्री की लज्जा भंग करना), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
मामले की समयरेखा
- जनवरी 2023: महिला पहलवानों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया।
- 23 जनवरी 2023: खेल मंत्रालय ने जांच के लिए निगरानी समिति बनाई।
- अप्रैल 2023: कार्रवाई न होने पर पहलवान फिर धरने पर बैठे।
- 28 मई 2023: संसद की ओर मार्च के दौरान कई पहलवानों को हिरासत में लिया गया।
- 15 जून 2023: दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
- जुलाई 2023: अदालत ने मामले का संज्ञान लिया।
- मई 2024: कोर्ट ने आरोप तय किए।
- मई 2025: नाबालिग से जुड़े मामले में क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की गई।
- मई-जुलाई 2026: गवाहों की गवाही दर्ज की गई।
- 3 अगस्त 2026: बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी किया गया।
कोर्ट का निर्णय और प्रतिक्रिया
इस मामले की सुनवाई 1133 दिनों तक चली, जिसमें 127 बार सुनवाई हुई। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के सबूतों को अपर्याप्त मानते हुए बृजभूषण और विनोद तोमर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय 2 जुलाई 2026 को बहस समाप्त होने के बाद आया।
विनेश फोगाट की वकील रेबेका जॉन ने कहा कि यह निर्णय निराशाजनक है। वहीं, पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा कि यह फैसला दर्शाता है कि बृजभूषण के पास सभी ताकत है।
बृजभूषण का बयान
फैसले के बाद बृजभूषण ने कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा विश्वास था। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी खुद को अपराधी नहीं समझा।' उन्होंने यह भी कहा कि वह जूनियर खिलाड़ियों के हक के लिए लड़ाई लड़ते रहे हैं।
