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मानसून अपडेट: पूर्वी भारत में बारिश का कहर, उत्तर भारत में सूखा

इस वर्ष का मानसून पूर्वी भारत में भारी बारिश और बाढ़ का कारण बन रहा है, जिससे कई राज्यों में संकट उत्पन्न हो गया है। अरुणाचल प्रदेश में लगभग एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि उत्तर भारत में बारिश की कमी से किसान चिंतित हैं। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। जानें इस मौसम की ताजा स्थिति और भविष्यवाणियाँ।
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पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी


पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार, बाढ़, भूस्खलन से प्रभावित हैं ज्यादातर राज्य


Monsoon Update: दक्षिण पश्चिम मानसून ने पूरे देश में दस्तक दी है, लेकिन बारिश की मात्रा में असमानता देखी जा रही है। पूर्वी भारत में भारी बारिश के कारण कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। दूसरी ओर, मध्य और उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है।


अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का संकट

अरुणाचल प्रदेश में बारिश के कारण आई बाढ़ ने लगभग एक लाख लोगों को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ बिहार और पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे के क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भूस्खलन की भी आशंका जताई गई है।


पूर्वी राज्यों में बारिश की अधिक संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहांपुर, गोरखपुर से होते हुए दक्षिण असम तक फैली हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और असम के आसपास कई चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की संभावना बढ़ गई है।


देश के विभिन्न राज्यों में बारिश की संभावना

भारतीय मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश की संभावना है।


उत्तर भारत में बारिश की कमी

मानसून ट्रफ के पूर्वी हिस्से में अधिक सक्रियता और स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश की गति धीमी हो गई है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के फिर से सक्रिय होने पर इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि 20 जुलाई को इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां फिर से तेज हो सकती हैं।