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मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता तीसरा स्वर्ण पदक

भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। यह उनका लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है, जिससे उन्होंने देश का मान बढ़ाया। मीराबाई ने 190 किलोग्राम वजन उठाया, और जब राष्ट्रगान बजा, तो वह भावुक हो गईं। जानें उनके शानदार प्रदर्शन और भारत के लिए इस उपलब्धि का महत्व।
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भारत का पहला गोल्ड मेडल


नई दिल्ली. भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया है। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की। यह उनका लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है, जिससे उन्होंने इतिहास रच दिया। मीराबाई ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क में मिलाकर 190 किलोग्राम वजन उठाया, जिससे भारत को पहला गोल्ड मेडल मिला। जब राष्ट्रगान बज रहा था, तब वह भावुक हो गईं और उनकी आंखों में आंसू आ गए।


मीराबाई का शानदार प्रदर्शन

पिछले दो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत के लिए मेडल जीतने वाली मीराबाई ने फिर से देश का नाम रोशन किया। उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में पहले प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 190 किलोग्राम का स्कोर बनाया। उनके आसपास कोई अन्य खिलाड़ी नहीं पहुंच सका। नाइजीरिया की रुथ असुओकुओ न्योंग ने 168 किलोग्राम के साथ रजत पदक जीता, जबकि मलेशिया की आइरीन जेन हेनरी ने 167 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया.


भारत के पदकों की संख्या बढ़ी


कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई ने कहा था कि उनका मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स है, और उसी के अनुसार उन्होंने तैयारी की। इसके बावजूद, उन्होंने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। मीराबाई के गोल्ड से पहले झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य और ऋषिकांता सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। अब भारत के पास कुल तीन पदक हैं।