Newzfatafatlogo

मुंबई में फर्जी डॉक्टरों का गैंग पकड़ा गया, 12वीं पास ने चलाया क्लीनिक

मुंबई में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जी डॉक्टरों के गैंग का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पांच ऐसे चिकित्सकों को गिरफ्तार किया गया है, जो बिना वैध डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहे थे। इनमें से कुछ केवल 12वीं कक्षा तक पढ़े थे। पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध दवाएं और उपकरण भी जब्त किए हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या कार्रवाई की गई है।
 | 

मुंबई में फर्जी डॉक्टरों का भंडाफोड़

मुंबई: जब भगवान का रूप माने जाने वाले चिकित्सक यदि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने लगें, तो यह एक गंभीर समस्या बन जाती है। महाराष्ट्र की राजधानी में एक ऐसे ही 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' गैंग का खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चिकित्सा अधिकारियों के सहयोग से गोवंडी, देवनार और बांद्रा क्षेत्रों में छापेमारी की। इस कार्रवाई में पांच फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया, जो बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के मरीजों का इलाज कर रहे थे। आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से कुछ केवल सातवीं और 12वीं कक्षा तक पढ़े हुए थे, जबकि एक ने होम्योपैथी की डिग्री लेकर एलोपैथी की दवाइयां बांटने का काम किया।


डॉक्टरों ने कैमरे के सामने मांगी माफी

कैमरे पर मांगी माफी, होम्योपैथी डॉक्टरों को थमाया नोटिस
क्राइम ब्रांच की यूनिट 6 और 8 द्वारा की गई इस संयुक्त कार्रवाई में गोवंडी के आयशा क्लीनिक और गायत्री क्लीनिक पर भी छापा मारा गया। यहां प्रैक्टिस कर रहे डॉ. मेहमूद आलम और डॉ. ए.के. दुबे के पास होम्योपैथी की डिग्री थी, लेकिन वे मरीजों का एलोपैथिक इलाज कर रहे थे। पुलिस ने इन दोनों के क्लीनिक से सभी एलोपैथिक दवाइयां जब्त कर लीं और उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान, इन डॉक्टरों ने मीडिया के सामने अपनी गलती स्वीकार की और नियमों का उल्लंघन करने के लिए माफी मांगी।


बांद्रा में 12वीं पास झोलाछाप का खुलासा

12वीं पास झोलाछाप चला रहा था क्लीनिक, मिले फर्जी सर्टिफिकेट
इस छापेमारी में सबसे चौंकाने वाला मामला बांद्रा पूर्व के नौपाड़ा इलाके से सामने आया। यहां मोहम्मद आफताब शौकत खान नामक व्यक्ति एक बड़ा क्लीनिक चला रहा था। पुलिस ने जब वहां छापा मारा, तो क्लीनिक में चार मरीज इलाज के लिए बैठे थे। पूछताछ में आफताब ने बताया कि उसने केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है। उसने पुलिस को कुछ मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाए, जो फर्जी पाए गए। इसके अलावा, पुलिस ने डॉ. सगीर और केशव प्रसाद पटेल को भी बिना लाइसेंस प्रैक्टिस करने के आरोप में गिरफ्तार किया।


भारी मात्रा में दवाएं और उपकरण जब्त

लाखों रुपये की दवाएं और मेडिकल उपकरण जब्त
फर्जी डॉक्टरों के क्लीनिकों पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने बड़ी मात्रा में मेडिकल सामग्री बरामद की है। कुल 1,19,324 रुपये की विभिन्न एलोपैथिक दवाएं और उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनमें एंटीबायोटिक टैबलेट, इंजेक्शन की बोतलें, सिरिंज, ब्लड प्रेशर मापने वाला मॉनिटर, स्टेथोस्कोप, नेब्युलाइजर और ब्लड शुगर जांच मशीन शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन सभी पांच आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और इस रैकेट की गहराई से जांच की जा रही है।