मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान जहरीले कैप्सूल बांटने की कोशिश का मामला
मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल का मामला
मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल: मुंबई पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी नामक आरोपी ने मुहर्रम के दौरान लोगों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी आतंकवादी संगठन या साजिश का कोई संबंध नहीं पाया गया है।
आरोपी की पहचान और उसकी योजना
पुलिस के अनुसार, फैयाज की नाराजगी व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से थी। उसने मुहर्रम जुलूस से लगभग दो सप्ताह पहले मुंबई के एक सस्ते होटल में कमरा बुक किया था। वहां रहते हुए, उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से 30,000 खाली कैप्सूल और लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड रसायन मंगवाए।
निजी रंजिश का कारण
जिंक फॉस्फाइड एक चूहा मारने वाली दवा है, जो अत्यंत खतरनाक होती है। आरोपी ने होटल के कमरे में कई दिनों तक कैप्सूल भरे और अपनी योजना को अंजाम देने की तैयारी की। जांच में यह भी पता चला कि फैयाज का पारिवारिक जीवन पूरी तरह से बिखर चुका था। चार साल पहले उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था, जिससे वह मानसिक तनाव में था।
इसके अलावा, वह अपने ही शिया समुदाय से भी नाराज था। कुछ साल पहले, उसने मुस्लिम धर्म की कुछ परंपराओं का विरोध करते हुए पर्चे बांटे थे, जिसके बाद स्थानीय धार्मिक नेताओं ने उसके परिवार को समुदाय से बहिष्कृत कर दिया।
समाज से अलग-थलग पड़ जाने के बाद, फैयाज अपनी मां, बड़े भाई मोहम्मद अब्बास और दो छोटी बहनों के साथ पुणे चला गया। वह कभी-कभी मुंबई आता था और डॉर्मिटरी में रहता था। फैयाज ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की पढ़ाई की है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उसकी जिंदगी संघर्षमय रही है।
पुलिस जांचकर्ताओं का कहना है कि पारिवारिक उपेक्षा, पत्नी का छोड़ना और समुदाय द्वारा बहिष्कार के कारण फैयाज के मन में गहरा गुस्सा भर गया था। वह अपने धर्म और समुदाय के प्रति आक्रोशित था। मोहर्रम का अवसर उसे अपनी नाराजगी व्यक्त करने का मौका लगा। मुंबई पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।
