मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी
पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री का संबोधन
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले वर्ष, देशभर में 154 जवानों ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शहीद हमारे देश का गौरव होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली में स्थापित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक वीर जवानों के बलिदान और साहस का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में लगभग 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने, थानों और चौकियों में कार्मिकों की आवश्यकता के अनुसार पदों की संख्या की समीक्षा करने और विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराने की बात कही। इसके अलावा, थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट को 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करने का भी ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने, देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और मल्टी स्टोरी बैरक का निर्माण कराने और देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल के उन्नयन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाकी वर्दी साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। पुलिसकर्मी त्योहारों पर भी अपने परिवारों से दूर रहकर जनता की सुरक्षा करते हैं। उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं के बीच उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने नशा और साइबर अपराध को गंभीर चुनौतियों के रूप में बताया। नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि ड्रग फ्री उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में, पुलिस को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और अन्य एजेंसियों के समन्वय से साइबर अपराधियों से एक कदम आगे रहना होगा। लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण जारी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष लगभग 5 करोड़ कांवड़ यात्रियों और चारधाम यात्रा में 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में उत्तराखंड पुलिस के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 319 पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदकों और सम्मान चिह्नों से अलंकृत किया गया है। उत्तराखंड पुलिस का प्रतिष्ठित 'प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर्स' के लिए नामित होना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
हमारी सरकार पुलिस बल को आधुनिक, सक्षम और तकनीक-संपन्न बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक संसाधनों, उन्नत तकनीक, साइबर अपराधों से निपटने की क्षमता और बेहतर प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि प्रदेश की जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की… pic.twitter.com/fyZPhWrGk5
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 21, 2026
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस आवास संतोषजनक दर 18 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हुई है और लक्ष्य इसे 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई, नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती हुई। उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 222 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को नियुक्तियां दी गई हैं। इस वित्तीय वर्ष में थानों, अग्निशमन केंद्रों, बैरकों, मैस और अन्य कार्यस्थलों के लिए 58 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के तनाव प्रबंधन के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने जानकारी दी कि राज्य गठन से अब तक उत्तराखंड पुलिस के 206 कार्मिकों ने कर्तव्य पालन के दौरान प्राणों की आहुति दी है। इस वर्ष पुलिस शहीद कोष से आश्रित परिवारों को लगभग 50 लाख रुपये की सहायता दी गई, जबकि पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत अब तक करीब 31 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है। एम्स ऋषिकेश में चौबीसों घंटे संचालित पुलिस हेल्प डेस्क स्थापित की जा रही है। इस वर्ष जीवन रक्षक निधि से 25 कार्मिकों को 1 करोड़ 16 लाख रुपये की सहायता और 446 मेधावी बच्चों को 34 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है।
इस अवसर पर हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक श्रीमती सविता कपूर, जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून श्रीमती सुखविंदर कौर, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, मुख्य सूचना आयुक्त श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव गृह शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे.
