मुख्यमंत्री धामी ने पौड़ी में कंडोलिया महोत्सव का उद्घाटन किया, 110 करोड़ की विकास योजनाओं की घोषणा
मुख्यमंत्री का पौड़ी दौरा
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी का दौरा किया, जहां उन्होंने रामलीला मैदान में कंडोलिया महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, उन्होंने लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत वाली 19 विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पौड़ी प्रदेश के सबसे खूबसूरत और पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है। सरकार पौड़ी को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकें।
विज्ञान संग्रहालय की सौगात
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पौड़ी को आज जिला विज्ञान संग्रहालय की महत्वपूर्ण सौगात मिली है। यह संग्रहालय युवाओं और छात्रों के लिए विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश सरकार की विकास योजनाएं पौड़ी के समग्र विकास को गति देने के साथ-साथ क्षेत्र की पर्यटन, शिक्षा और रोजगार संबंधी संभावनाओं को भी नई दिशा देंगी।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए प्रदेश में लोक संस्कृति, लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की डेमोग्राफी एवं देवत्व के स्वरूप से किसी भी प्रकार… pic.twitter.com/dWEs67zIPT
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 15, 2026
मुख्यमंत्री ने कंडोलिया महोत्सव को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और युवा प्रतिभाओं को पहचान देने का एक सशक्त मंच बताया। उन्होंने कहा कि पौड़ी की धरती पर पहुंचकर उन्हें हमेशा शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।
विकास योजनाओं का महत्व
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे नवस्थापित विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण करें, जो बच्चों और युवाओं में विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इस अवसर पर 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आम जन के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड के विकास और विरासत को साथ लेकर चलने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार विकास की रोशनी पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कई योजनाएं जैसे हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार और होमस्टे योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं। अब भर्ती प्रक्रिया में ‘न कोई पर्ची, न कोई खर्ची’ का सिद्धांत लागू किया गया है, जिससे योग्य युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिल रहे हैं।
