मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों से संवाद कर उत्तराखंड के विकास पर चर्चा की
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम में सहभागिता
उत्तराखंड: टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में 'मेरे सपनों का उत्तराखंड' विषय पर 'मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उनके विचारों, सुझावों और भविष्य के उत्तराखंड के प्रति उनकी दृष्टि को जाना।
विद्यार्थियों की ऊर्जा और सुझाव
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और उत्तराखंड के प्रति प्रतिबद्धता प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त और जागरूक बनाया जाए। युवाओं के विचार विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अभियान का समर्थन
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'मेरे सपनों का उत्तराखंड' अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। इस अभियान के तहत 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध और विचार प्रस्तुत किए हैं, जो उत्तराखंड के विकास और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच को दर्शाते हैं।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। निश्चित रूप से भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम विद्यार्थियों को देश की विविधता, संस्कृति, इतिहास और गौरवशाली विरासत को करीब से जानने का अवसर प्रदान करने वाली एक अभिनव पहल… pic.twitter.com/4KEQMXk73J
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 13, 2026
विद्यार्थियों के विचारों की सराहना
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत निबंधों की सराहना की और कहा कि उनके विचारों में गहराई है। रुद्रप्रयाग की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन पर अपने अनुभव साझा किए, जिस पर मुख्यमंत्री ने पलायन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
सकारात्मक सोच का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से दूर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं होता। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने का लक्ष्य रखें।
युवाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जनपद और प्रदेश की गतिविधियों के प्रति सजग रहें। उन्होंने कहा कि 2047 में भारत का भविष्य युवाओं के सपनों और संकल्पों से बनेगा।
