मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा की, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता की समस्याओं के समाधान के लिए चल रही सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा की। सचिवालय में सोमवार को आयोजित बैठक में, उन्होंने हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही, सड़कों की स्थिति, चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की भी समीक्षा की गई। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे समय-समय पर जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित करें, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
बैठक के दौरान, सीएम ने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने और आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन सरकार और जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करना है। अधिकारियों को शिकायतों की नियमित निगरानी करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
साथ ही सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सड़कों की स्थिति को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और 15 अक्टूबर तक सभी सड़कों को दुरुस्त कर लिया जाए। जनता की शिकायतों का समाधान सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सीएम हेल्पलाइन-1905 में दर्ज प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से… pic.twitter.com/bMNPsPCZB2
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 14, 2026
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोई भी व्यक्ति सीएम हेल्पलाइन 1905 के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है, जिसकी वह हर महीने समीक्षा करते हैं और शिकायतकर्ताओं से बातचीत भी करते हैं। इससे कई शिकायतों का समाधान हो जाता है। सड़कों की स्थिति की समीक्षा के दौरान, उन्होंने कहा कि बरसात के बाद सड़कों की स्थिति खराब हो जाती है, इसलिए उन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जाना चाहिए। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई और शहरी विकास विभाग ने आवश्यक अनुमान तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।
सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित करें और जनता की समस्याओं का समाधान करें। पेयजल विभाग को भी महत्वपूर्ण माना गया है, और पेयजल योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के तहत कई छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की गई हैं, ताकि बच्चों को इनका लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने भविष्य निर्माण योजना की भी समीक्षा की और इसे जल्द ही धरातल पर लाने के निर्देश दिए।
