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मेजर ऋषभ सांब्याल ने 30 साल की उम्र में रिटायरमेंट का लिया फैसला, जानें कारण

मेजर ऋषभ सांब्याल ने 30 साल की उम्र में सेना से रिटायरमेंट का निर्णय लिया, जिससे सभी हैरान रह गए। उन्होंने एक पॉडकास्ट में बताया कि कैसे उन्होंने अपने करियर को पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए छोड़ा। मेजर ऋषभ ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी रिटायरमेंट का कारण शादी नहीं है, बल्कि माता-पिता की देखभाल है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बिताए समय में उन्हें अपनी मां की याद आई। जानें उनके इस निर्णय के पीछे की पूरी कहानी।
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रिटायरमेंट का अनोखा फैसला

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने महज 30 वर्ष की आयु में सेना से अचानक रिटायर होकर सभी को चौंका दिया। उनके इस निर्णय के पीछे की वजह जानने की जिज्ञासा सभी में थी। अब मेजर ऋषभ ने एक पॉडकास्ट में अपने दिल की बात साझा की है, जिसमें उन्होंने बताया कि क्यों उन्होंने अपनी वर्दी को अलविदा कहा।


परिवार को प्राथमिकता दी

मेजर ऋषभ ने कहा कि भारतीय सेना की वर्दी पहनना उनका सबसे बड़ा सपना था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने अपने जीवन के 10 साल समर्पित किए। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस तरह से सेवा छोड़ेंगे। लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें अपने करियर और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारियों के बीच चयन करना पड़ा। अंततः उन्होंने माता-पिता की देखभाल को प्राथमिकता दी और रिटायरमेंट का कठिन निर्णय लिया।


शादी की अफवाहों का खंडन

मेजर ऋषभ के अचानक रिटायर होने के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा होने लगी कि उन्होंने शादी के लिए यह कदम उठाया है। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के एडीसी के रूप में कार्यकाल के दौरान शादी करने की अनुमति नहीं होती। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने शादी की है और न ही ऐसा कोई इरादा है। उनका निर्णय केवल पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण था।


राष्ट्रपति में मां की छवि देखी

अपनी जिम्मेदारियों के बारे में बात करते हुए मेजर सांब्याल ने बताया कि इस पद पर अकेलापन स्वाभाविक था, क्योंकि उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ता था। 2014 में एनडीए जॉइन करने के बाद से वह अपनी मां के साथ लंबे समय तक नहीं रह पाए। लेकिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बिताए तीन वर्षों को याद करते हुए वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार राष्ट्रपति से मिले, तो उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी मां उनके सामने खड़ी हैं।