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मेटा ने इंस्टाग्राम विवाद पर दी प्रतिक्रिया, अपनाई 'जीरो टॉलरेंस' नीति

मेटा ने इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों के विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने की जानकारी दी है और बताया है कि वह AI तकनीक का उपयोग कर ऐसे कंटेंट को तेजी से हटाने के लिए काम कर रही है। इसके अलावा, केंद्र सरकार भी इस मामले में सक्रिय है और मेटा से स्पष्टीकरण मांग सकती है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और मेटा के सुरक्षा उपायों के बारे में।
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मेटा की आधिकारिक प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से संबंधित विज्ञापनों के विवाद के बीच, मेटा ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने बताया कि उसके सभी प्लेटफार्मों पर ऐसे कंटेंट के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है और नियमों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को हटाने के लिए अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाता है।


सुरक्षा तंत्र और तकनीकी उपाय

मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी उन अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, जो उसके अरबों यूजर्स के बीच छिपकर प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करने का प्रयास करते हैं। कंपनी के अनुसार, उसके पास ऐसे कंटेंट की पहचान और तेजी से हटाने के लिए उन्नत तकनीकी सिस्टम और सुरक्षा तंत्र मौजूद हैं।


AI की भूमिका

AI की मदद से हो रही निगरानी
मेटा ने बताया कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट या उसे बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों की पहचान के लिए एडवांस्ड AI टूल्स का उपयोग किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि संदिग्ध अकाउंट और नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाती है ताकि प्लेटफॉर्म सुरक्षित बना रहे।


सरकार की सक्रियता

सरकार मांग सकती है जवाब
केंद्र सरकार भी इस मामले में सक्रिय है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) मेटा से यह स्पष्ट करने को कह सकता है कि इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक विज्ञापन कैसे दिखाई दिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कंपनी ने क्या सुरक्षा उपाय किए हैं। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय मेटा से उसके विज्ञापन समीक्षा तंत्र, कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम, एनफोर्समेंट मैकेनिज्म और बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की पहचान व रोकथाम के लिए अपनाई गई प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी भी मांग सकता है।


व्हाट्सएप फीचर पर चर्चा

व्हाट्सएप फीचर पर भी चल रही है चर्चा
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूज़रनेम फीचर को लेकर भी कंपनी के साथ बातचीत की है। व्हाट्सएप ने कहा है कि यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा और इसे लागू करने से पहले पहचान की सुरक्षा, फर्जीवाड़े और अनचाहे संपर्क को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं। वर्तमान में, इंस्टाग्राम विवाद को लेकर सरकार और मेटा के बीच आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।