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मेरठ नीला ड्रम हत्या मामले में मुस्कान और साहिल को मिली फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश के मेरठ में नीला ड्रम हत्या मामले में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। यह मामला 2025 में सामने आया था, जब सौरभ राजपूत का शव एक नीले ड्रम में छिपाया गया था। अदालत ने 13 महीने तक चले ट्रायल के बाद यह फैसला सुनाया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सजा के पीछे की कहानी।
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मेरठ हत्या मामले का अदालती फैसला


मेरठ हत्या मामले की जानकारी: उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए नीला ड्रम हत्या मामले में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। दोनों को 30 सितंबर 2026 को सौरभ राजपूत की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। जिला एवं सत्र न्यायालय ने 14 अक्टूबर को सजा का ऐलान किया। यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब सौरभ राजपूत का शव एक नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपाया गया था।


13 महीने में पूरा हुआ ट्रायल


नीला ड्रम हत्या मामले का ट्रायल लगभग 13 महीने तक चला, जिसमें 126 सुनवाइयां हुईं और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए। 30 सितंबर 2026 को मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या और सबूत मिटाने के आरोपों में दोषी ठहराया। अदालत ने सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था और 14 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख तय की थी।


सजा से पहले का संवाद


सजा सुनाए जाने से पहले जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने मुस्कान और साहिल से पूछा कि क्या वे अपने बचाव में कुछ कहना चाहते हैं। दोनों ने पहले कुछ नहीं कहा, लेकिन लंच के बाद मुस्कान ने अपनी छोटी बेटियों का हवाला देते हुए कम सजा की गुहार लगाई। साहिल ने भी अदालत से नरमी बरतने की अपील की।


सजा सुनकर भावुक हुए दोनों


सजा का ऐलान होते ही मुस्कान और साहिल भावुक हो गए। जेल प्रशासन के अनुसार, मुस्कान ने हाथ जोड़कर रोना शुरू कर दिया, जबकि साहिल की आंखों में भी आंसू थे। दोनों ने फूट-फूटकर रोते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। अभियोजन पक्ष ने हत्या की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने मुस्कान की बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सजा में नरमी की अपील की।