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मेरठ में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची

मेरठ में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की योजना बनाई। प्रारंभ में इसे एक सामान्य हादसा समझा गया, लेकिन पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मृतक के नाम पर 20 लाख रुपये का बीमा भी इस हत्या के पीछे एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। जानें इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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सनसनीखेज हत्या का मामला


मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक चौंकाने वाली हत्या की घटना ने सबको चौंका दिया है। पुलिस के अनुसार, हस्तिनापुर क्षेत्र की एक महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि पहले पति को नशीला पदार्थ दिया गया और फिर उसके बिस्तर पर एक जहरीला सांप छोड़ दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस का कहना है कि इस हत्या के पीछे 20 लाख रुपये की बीमा राशि और प्रेम संबंध मुख्य कारण थे।


पहले समझा गया था हादसा

मृतक अतुल पंवार स्थानीय कृष्णा किड्स प्ले स्कूल के संचालक थे। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत को सांप के काटने की सामान्य घटना माना गया, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल और परिस्थितियों में कुछ असामान्य बातें पाई, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।


जांच में खुलासा

पुलिस ने मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच की। इसके बाद पता चला कि मृतक की पत्नी दामिनी का स्कूल के ड्राइवर तुषार उर्फ निक्की के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस का कहना है कि दोनों ने पहले सड़क दुर्घटना के माध्यम से हत्या की कोशिश की, लेकिन जब वह असफल रहे, तो उन्होंने दूसरी योजना बनाई।


आरोप है कि दामिनी ने पहले अपने पति को नशीला दूध पिलाया और उसके बेहोश होने के बाद बिस्तर पर जहरीला सांप छोड़ दिया। सांप के काटने से अतुल की मृत्यु हो गई और इसे एक प्राकृतिक हादसा दिखाने का प्रयास किया गया।


बीमा राशि का भी है मामला

पुलिस का दावा है कि मृतक के नाम पर लगभग 20 लाख रुपये का बीमा था। जांच में यह भी संदेह जताया गया कि बीमा की राशि हासिल करने और प्रेम संबंध को आगे बढ़ाने के लिए यह साजिश रची गई थी।




आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने दामिनी और उसके प्रेमी तुषार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। अदालत में आरोप सिद्ध होना अभी बाकी है।