मेरठ हत्या मामले में दोषियों को सजा की मांग, अमित की मां ने फांसी की मांग की
मेरठ में हत्या के मामले में सख्त सजा की मांग
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक पीड़ित परिवार ने चर्चित अमित कश्यप उर्फ मिक्की हत्या मामले में दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। अमित की मां मुनेश देवी ने अपनी बहू रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके बेटे की बेरहमी से हत्या की गई, उसके लिए उन्हें मृत्युदंड मिलना चाहिए। स्वजनों का कहना है कि यदि अदालत से उनकी उम्मीद के मुताबिक सजा नहीं मिली, तो वे हाईकोर्ट की ओर भी अपना रुख करेंगे।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को 14 अक्टूबर 2026 को मृत्युदंड सुनाया गया था। अमित की मां ने भी अपने बेटे के मामले में इसी तरह की सजा की मांग की है।
मामले का विवरण
यह घटना मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव की है। अमित कश्यप की मौत 13 अप्रैल 2025 की सुबह हुई थी। मृतक का शव बिस्तर पर मिला था और उसके नीचे एक जिंदा सांप पाया गया था। शरीर पर सांप के काटने के कई निशान भी थे। प्रारंभिक जांच में यह मामला सर्पदंश का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस जांच की दिशा बदल दी।
जांच में पता चला कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनका गला और मुंह दबाया गया था। इसके बाद पुलिस ने इस गंभीर मामले को हत्या के रूप में जांचा।
पत्नी और प्रेमी पर आरोप
पुलिस की जांच के अनुसार, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। आरोप है कि अमित इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे, जिसके कारण उनकी हत्या का षडयंत्र रचा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या के बाद घटना को नया मोड़ देने के लिए बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि अमरदीप ने एक सपेरे के जरिए सांप मंगाया था। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड सहित अन्य साक्ष्य जुटाए और दोनों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया।
पोस्टमार्टम और कॉल डिटेल से खुला राज
इस मामले की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हुई। रिपोर्ट में दम घुटने को मौत का कारण बताया गया। इसके अलावा, पुलिस जांच के अनुसार, घटना के 24 घंटे के भीतर रविता और अमरदीप के बीच 51 बार फोन पर बातचीत हुई थी। अभियोजन पक्ष ने इन तथ्यों समेत अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे।
रिपोर्टों के अनुसार, इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इनमें परिवार के सदस्य, चिकित्सक, जांच अधिकारी और टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारी भी शामिल थे। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया।
अमित की मां का बयान
बेटे को खोने के बाद मृतक की मां मुनेश देवी ने कहा कि अमित तीन बच्चों के पिता थे। उनकी मौत के बाद अब बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी भी परिवार पर आ गई है। बच्चे आज भी अपने पिता के बारे में पूछते हैं और उन्हें बेटे की याद हर दिन सताती है। मुनेश देवी ने कहा कि यदि अदालत से मृत्युदंड नहीं मिला, तो वह हाईकोर्ट में अपील करेंगी। अमित के भाई संदीप ने भी दोषियों के लिए फांसी की मांग की। स्वजनों का कहना है कि वे अपने बेटे और भाई के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
आगे की प्रक्रिया
आज यानी 16 अक्टूबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी ठहराने के बाद सजा सुनाने की तारीख तय की थी। अब अंतिम फैसले की पुष्टि अदालत के आदेश के बाद ही हो पाएगी।
इस मामले ने एक बार फिर गंभीर आपराधिक मामलों में फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों की अहमियत को सामने रखा है। अमित का परिवार अब अदालत के अंतिम फैसले से न्याय मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।
