मेहुल चोकसी का प्रत्यर्पण: विदेश मंत्रालय का बयान
मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की स्थिति
हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी, जो 2018 से भारत से फरार हैं, पिछले साल अप्रैल में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) लोन घोटाले के सिलसिले में बेल्जियम में गिरफ्तार हुए थे। इस गिरफ्तारी के बाद से यह सवाल उठता रहा है कि भारत सरकार उन्हें कब वापस लाएगी। हाल ही में विदेश मंत्रालय से इस मुद्दे पर सवाल किया गया, जिसका जवाब 3 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया।
एक रिपोर्ट के अनुसार, 65 वर्षीय चोकसी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुरोध पर बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया है और वह वर्तमान में जेल में हैं। उनकी गिरफ्तारी के समय पुलिस ने मुंबई की अदालत द्वारा जारी दो खुले गिरफ्तारी वारंट का उल्लेख किया।
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विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने चोकसी के प्रत्यर्पण के संबंध में कहा, 'भारत ने पहले ही उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी। इसी अनुरोध के आधार पर बेल्जियम के अधिकारियों ने पिछले साल अप्रैल में चोकसी को गिरफ्तार किया। वह तब से बेल्जियम की जेल में है। भारत सरकार का प्रयास है कि सभी फरार आरोपियों को वापस लाया जाए ताकि वे यहां कानून का सामना कर सकें।'
चोकसी पर आरोप
मेहुल चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक में लगभग 13,500 करोड़ रुपये के लोन घोटाले में शामिल होने का आरोप है। वह अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ बेल्जियम के एंटवर्प में रह रहे थे। इस मामले में चोकसी का भांजा नीरव मोदी भी आरोपी है, जो वर्तमान में लंदन से भारत प्रत्यर्पित होने का इंतजार कर रहा है। चोकसी और नीरव मोदी ने जनवरी 2018 में भारत छोड़ा था, और इसके कुछ हफ्तों बाद ही पंजाब नेशनल बैंक में इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था।
