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मॉनसून का असर: IMD ने बिहार और ओडिशा में भारी बारिश का किया अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई को देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता का पूर्वानुमान लगाया है। विशेष रूप से बिहार और ओडिशा में भारी बारिश की संभावना है। उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कई राज्यों में तेज हवाओं और जलभराव की आशंका है। जानें अन्य राज्यों में मौसम की स्थिति के बारे में इस लेख में।
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मॉनसून की सक्रियता का पूर्वानुमान


नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार 14 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियाँ अधिक होंगी। उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें भी पड़ सकती हैं। इसके अलावा, कुछ राज्यों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है।


पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का पूर्वानुमान

IMD ने बिहार के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ओडिशा में भी लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना है। सिक्किम में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा की आशंका है।


झारखंड में बादल गरजने के साथ बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मॉनसून का प्रभाव तेज रहेगा। इन राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है।


उत्तर और मध्य भारत में बारिश की स्थिति

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।


उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम की स्थिति

उत्तर प्रदेश में मॉनसून फिलहाल कमजोर है। बंगाल की खाड़ी का अवदाब कमजोर हो गया है और मॉनसूनी द्रोणी उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके परिणामस्वरूप अगले 3-4 दिनों तक प्रदेश में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की या छिटपुट बारिश होने की संभावना है। लखनऊ में सोमवार को अधिकतम तापमान 36.9°C और न्यूनतम 28.2°C दर्ज किया गया।


मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में नई हलचल बनने पर बारिश फिर से तेज हो सकती है। राजस्थान में भी मॉनसून का पहला चरण कमजोर पड़ गया है। अगले एक हफ्ते तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से सूखे रहने की संभावना है। जोधपुर और बीकानेर संभाग में बारिश कम होगी। 14-15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में भी 5-6 दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है।


पश्चिम और दक्षिण भारत में बारिश की स्थिति

गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। कोंकण क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश होने की उम्मीद है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।


आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में बादल छाए रहेंगे। IMD ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका जताई है। लोगों से सतर्क रहने और मौसम अपडेट का पालन करने की अपील की गई है।