मॉनसून का कहर: दिल्ली से लेकर मुंबई तक बारिश का अलर्ट जारी
मॉनसून की दस्तक
नई दिल्ली: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में मॉनसून पहले ही दस्तक दे चुका है, लेकिन लोग अब भी अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं। मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मॉनसून कितनी तेजी से आगे बढ़ता है और लोगों को गर्मी से कितनी राहत मिलती है। उत्तर भारत में बारिश का इंतजार है, जबकि मुंबई और सूरत जैसे शहरों में भारी बारिश हो रही है।
पहाड़ों में मौसम का असर
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 12 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड में तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। हिमाचल प्रदेश में भी 8 से 12 जुलाई के बीच भारी बारिश की आशंका है, जिससे शिमला और मनाली में तेज बारिश हो सकती है।
दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा का मौसम
पंजाब में 7 से 9 जुलाई और फिर 11-12 जुलाई के बीच बारिश की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 7 से 9 जुलाई और फिर 10 से 12 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ सकती हैं। नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 12 जुलाई के दौरान बारिश के मजबूत संकेत हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 और 12 जुलाई को विशेष रूप से भारी बारिश होने की संभावना है, जो 12 जुलाई तक रुक-रुक कर जारी रहेगी।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की स्थिति
पूर्वी राजस्थान में 12 जुलाई तक लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में 9 जुलाई के दौरान तेज धूलभरी आंधी, तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।
12 जुलाई तक मौसम अलर्ट
मध्य भारत में, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जुलाई और फिर 12 जुलाई तक अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 10-12 जुलाई, छत्तीसगढ़ में 8 से 11 जुलाई और विदर्भ में 9 से 12 जुलाई तक भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
मुंबई में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद
महाराष्ट्र और गुजरात में मॉनसून ने पूरी तरह से उग्र रूप धारण कर लिया है। मुंबई, ठाणे और पालघर जैसे तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश को देखते हुए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, और एहतियात के तौर पर स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। कोंकण, गोवा, सौराष्ट्र और कच्छ में भी 12 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहने की संभावना है, जबकि सूरत और जामनगर जैसे शहरों में पहले से ही बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
