मॉनसून का जोरदार आगमन: दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में बारिश की चेतावनी
मॉनसून की वापसी
नई दिल्ली: देश के मैदानी क्षेत्रों से विदाई लेने से पहले मॉनसून एक बार फिर से सक्रिय हो रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम और हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले 3 से 4 दिनों में दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली में बारिश का पूर्वानुमान
दिल्ली में 25 सितंबर से लगातार तीन दिनों तक बारिश और बिजली गिरने की संभावना है, जिससे मौसम में बदलाव आ सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और अवध क्षेत्र, जिसमें लखनऊ और कानपुर शामिल हैं, में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूर्वी यूपी में 25-26 सितंबर और पश्चिमी यूपी में 25 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी 25 सितंबर के बाद बारिश देखने को मिलेगी। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून पूरी तरह विदा हो चुका है, लेकिन पूर्वी राजस्थान में 24 से 27 सितंबर तक तेज बारिश की संभावना है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26, 27 और 29 सितंबर के बीच हल्की से भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश के मनाली, सोलन, मंडी और शिमला जैसे क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 25 से 27 सितंबर के दौरान तेज आंधी चलने की संभावना है, जिसकी रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।
मध्य भारत में बारिश का प्रभाव
बंगाल की खाड़ी से उठे सिस्टम का असर मध्य भारत पर भी पड़ेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 24 से 29 सितंबर तक भारी बारिश और 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और विदर्भ क्षेत्र में भी इस दौरान भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
पूर्वी भारत में मॉनसून की सक्रियता
ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में भी 23 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों को पार कर लिया है, जिससे इन राज्यों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कुल 15 राज्यों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
