मॉनसून में बुखार के दौरान दर्द निवारक दवाओं का सेवन: स्वास्थ्य पर प्रभाव
मॉनसून में बुखार और दर्द निवारक दवाओं का खतरा
नई दिल्ली। बारिश के मौसम में बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का सेवन आपकी किडनी के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है, जिसके चलते लोग अक्सर भारी पेनकिलर्स का सेवन करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
मॉनसून बुखार में पेनकिलर का उपयोग क्यों खतरनाक है?
इबुप्रोफेन, डिक्लोफेनाक और नैप्रोक्सिन जैसी एनएसएआईडी (NSAIDs) दवाएं किडनी में रक्त प्रवाह को अचानक कम कर देती हैं, जिससे 'एक्यूट किडनी इंजरी' का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि मॉनसून में बुखार, खासकर डेंगू के दौरान, प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से गिरती है। ऐसे में पेनकिलर का सेवन करने से शरीर के अंदरूनी अंगों में रक्तस्राव हो सकता है। इसके अलावा, किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित होने से शरीर में विषैले पदार्थों का संचय हो सकता है, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ता है।
डॉक्टरों की सलाह
बुखार और शरीर में दर्द के लिए केवल डॉक्टर द्वारा निर्धारित पैरासिटामोल का सेवन करना उचित है। बुखार के पहले दिन ही सीबीसी (CBC) और डेंगू-मलेरिया की जांच कराना आवश्यक है। इसके साथ ही, शरीर में पानी की कमी न होने दें और ओआरएस का घोल, नारियल पानी और उबला हुआ पानी नियमित अंतराल पर पीते रहें।
