मोदी और ट्रंप की G-7 शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण मुलाकात
नई दिल्ली में G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात
नई दिल्ली: फ्रांस में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद देखने को मिला। दोनों नेता G-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हैं, जिससे यह मुलाकात भारत और अमेरिका के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मिडिल ईस्ट संकट के बीच पहली बैठक
यह ध्यान देने योग्य है कि मिडिल ईस्ट संकट के संदर्भ में यह पहली बार है जब दोनों नेताओं की मुलाकात हो रही है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव देखा गया है, जिससे यह मुलाकात और भी महत्वपूर्ण बन गई है। हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था। ऐसी संभावना है कि पीएम मोदी इस मुद्दे को ट्रंप के समक्ष उठाएंगे।
16 महीने बाद आमने-सामने आए दोनों नेता
यह ध्यान देने योग्य है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद पहली मुलाकात है। इससे पहले, दोनों नेताओं की आमने-सामने की मुलाकात 13 फरवरी 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई थी। उस समय मोदी, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद अमेरिका के दौरे पर गए थे।
इसके बाद, दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई, लेकिन आमने-सामने मुलाकात नहीं हो पाई। जून 2026 में फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी यह पहली प्रत्यक्ष मुलाकात हुई है।
G7 में भारत की बढ़ती अहमियत
हालांकि भारत G7 का सदस्य नहीं है, फिर भी इसे लगातार आमंत्रित किया जाता रहा है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक मामलों में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक राजनीति कई चुनौतियों का सामना कर रही है। इस प्रकार, दुनिया के दो प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के नेताओं की बैठक को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
