मोदी कैबिनेट में बड़ा बदलाव: नए चेहरे और मंत्रियों की छुट्टी
मोदी सरकार में संभावित फेरबदल
मोदी कैबिनेट: केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी की जा रही है। दो मंत्रियों पर लगे आरोपों के चलते उन्हें हटाया जा सकता है, जबकि कई नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। आम आदमी पार्टी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को कैबिनेट में शामिल करने की योजना है। पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास को वित्त मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कैबिनेट का विस्तार जल्द ही होने की संभावना है। हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी, जिसके बाद से इस फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है।
इस फेरबदल में शक्तिकांत दास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मानव संसाधन विकास मंत्रालय में भेजा जा सकता है। इसके अलावा, धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप पुरी को कैबिनेट से हटाने की भी चर्चा है। यूपी भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी को भी हटाया जा सकता है, जो वित्त राज्यमंत्री हैं।
शिवसेना को NDA में छह सांसद लाने के लिए इनाम मिल सकता है, जिसमें सांसद श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। अनुराग ठाकुर की भी वापसी संभव है। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए मेरठ के सांसद अरुण गोविल को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। आम आदमी पार्टी के बागी सांसद राघव चड्ढा और अशोक मित्तल में से किसी एक को कैबिनेट में जगह मिलना तय है।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी मोदी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। शिवसेना सांसद प्रताप राव जाधव से स्वास्थ्य राज्य मंत्री का पद छीना जा सकता है और यह मंत्रालय संजय दीना पाटिल को मिल सकता है, जो उद्धव ठाकरे की शिवसेना छोड़कर आए थे।
मनोहर लाल खट्टर से बिजली मंत्रालय छीना जा सकता है, और खजुराहो के सांसद विष्णु दत्त शर्मा को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल को भी शामिल किया जा सकता है। आधे दर्जन राज्य मंत्रियों को हटाने की भी योजना है।
