Newzfatafatlogo

मोदी सरकार पेश करेगी पेपर लीक रोकने के लिए नया संशोधन बिल

मोदी सरकार आज लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल' पेश करने जा रही है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक की घटनाओं को रोकना है। इस विधेयक में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना, दैनिक सुनवाई, और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। जानें इस नए कानून में क्या-क्या शामिल है और यह कैसे पेपर लीक को रोकने में मदद करेगा।
 | 

पेपर लीक रोकने के लिए नया विधेयक

पेपर लीक रोकने के लिए संशोधन विधेयक: संसद के मौनसून सत्र का आरंभिक सप्ताह हंगामे में बीता, जिसके बाद आज दोनों सदनों की कार्यवाही पुनः प्रारंभ होगी। इस दौरान, लोकसभा में मोदी सरकार द्वारा 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल' पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य पेपर लीक की घटनाओं को रोकना है। वर्तमान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में सामान्य मामलों के लिए 3 से 5 साल की जेल और संगठित अपराधों के लिए 5 से 10 साल की सजा तथा न्यूनतम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना निर्धारित है। इसे और अधिक सख्त बनाने के लिए सरकार नया संशोधन विधेयक लाने जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल' में निम्नलिखित प्रावधान शामिल हैं: 1- हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना, 2- अदालतों में दैनिक सुनवाई, और 3- चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल का समापन। इसके अतिरिक्त, पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का प्रावधान है। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल की जेल तथा 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। संगठित तरीके से पेपर लीक करने वाले गिरोहों के लिए सजा और भी कड़ी होगी, जिसमें न्यूनतम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना शामिल है।