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मोरक्को से स्पेन में घुसने के प्रयास में 41 प्रवासियों की मौत

मोरक्को से स्पेन के स्यूटा क्षेत्र में घुसने के प्रयास के दौरान 41 प्रवासियों की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब बड़ी संख्या में प्रवासियों ने बाड़ को पार करने की कोशिश की, जिससे भगदड़ मच गई। स्पेन सरकार ने सुरक्षा को कड़ा कर दिया है और स्यूटा में अतिरिक्त बल तैनात किया है। स्थानीय अधिकारियों ने इसे गंभीर मानवीय संकट बताया है, जिसमें हजारों लोग बिना आश्रय के हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री ने मोरक्को का धन्यवाद किया है कि वे प्रवासियों की वापसी में सहयोग कर रहे हैं। इस संकट ने यूरोपीय देशों के बीच राजनीतिक विवाद भी उत्पन्न कर दिया है।
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मोरक्को से स्पेन की सीमा पर संकट


मोरक्को से लगभग 50,000 प्रवासियों ने स्पेन के स्यूटा क्षेत्र में घुसने का प्रयास किया, जिसमें से कम से कम 41 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं।


यह घटना तब हुई जब बड़ी संख्या में प्रवासियों ने बाड़ को पार करने की कोशिश की, जिससे भगदड़ मच गई। स्थिति को देखते हुए स्पेन सरकार ने सुरक्षा को और कड़ा कर दिया है और स्यूटा में अतिरिक्त सैनिकों और पुलिस बल को तैनात किया है।


स्यूटा के नेता जुआन जीसस विवाज़ और अन्य स्थानीय अधिकारियों ने इसे एक गंभीर मानवीय संकट बताया है। उनका कहना है कि प्रवासियों की भारी संख्या के कारण संसाधनों की कमी हो गई है, और हजारों लोग, जिनमें बेसहारा बच्चे भी शामिल हैं, पार्कों और सड़कों पर सोने को मजबूर हैं।


स्पेन के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि प्रवासी संकट के शुरू होने के बाद से 50,000 लोग अवैध रूप से स्पेन में प्रवेश कर चुके हैं। गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने बताया कि इनमें से लगभग 25,000 लोग स्वेच्छा से मोरक्को लौट चुके हैं।


इस बीच, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने स्यूटा का दौरा किया और कहा, "यह जो हुआ, वह स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता पर हमला है।" उन्होंने मोरक्को का धन्यवाद किया कि वे प्रवासियों की जल्द वापसी में सहयोग कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने समुद्र के रास्ते अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सुरक्षा बाधाएं लगाने की घोषणा की।


हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि स्यूटा या मेलिला पहुंचने की कोशिश करते समय रोके गए प्रवासियों को तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता। गृह मंत्रालय का कहना है कि मानव तस्करी करने वाले गिरोह इस फैसले का फायदा उठा रहे हैं।


पिछले कुछ दिनों से स्यूटा पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही थी। गुरुवार को हजारों लोग कंक्रीट के तटबंधों से उतरकर समुद्र में कूद गए और सीमा पार करने का प्रयास किया।


प्रवासियों की मदद के लिए स्पेन के समुद्र तट पर रबर रिंग और बचाव उपकरण तैनात किए गए। कई लोग स्यूटा पहुंचने में सफल रहे, लेकिन इस प्रयास में 12 से अधिक लोगों की डूबकर मौत हो गई।


फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मोरक्को से अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिशें अचानक इतनी क्यों बढ़ गई हैं और वहां के अधिकारियों ने इन्हें रोकने के लिए कितने प्रभावी कदम उठाए हैं।


स्यूटा संकट ने यूरोपीय देशों के बीच राजनीतिक विवाद भी उत्पन्न कर दिया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने संकेत दिया है कि वह स्पेन के साथ खुली सीमा वाले शेंगेन समझौते को निलंबित करने पर विचार कर रही हैं। इस पर स्पेन के विदेश मंत्री होज़े लुइस अल्बारेस ने कहा कि इटली राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रहा है।


उत्तरी मोरक्को के तट पर स्थित स्पेन के स्वायत्त शहर स्यूटा और मेलिला जिब्राल्टर जलडमरूमध्य के कारण स्पेन की मुख्य भूमि से अलग हैं। ये दोनों शहर अफ्रीका में हैं और यूरोपीय संघ की जमीनी सीमा से जुड़े हुए हैं, जिससे ये प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश मार्ग बन गए हैं।