मोहन भागवत ने कहा: शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, जेन-जी अधिक ईमानदार और देशभक्त
संवाद में कमी पर मोहन भागवत की टिप्पणी
संवाद में कमी को दूर करने की आवश्यकता
मोहन भागवत, मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान उन्होंने जेन-जी के सदस्यों से संवाद किया। भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध भी आम सहमति बनाने का एक साधन है। विभिन्न विचारों के सामने आने पर चर्चा के माध्यम से सहमति बनती है।
आंदोलन का कारण संवाद की कमी
भागवत ने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा पुरानी पीढ़ी से अधिक देशभक्त और ईमानदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन तब होता है जब संवाद विफल हो जाता है। यदि सरकार पहले संवाद कर लेती, तो आंदोलन की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए होना चाहिए।
शिक्षा में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास
भागवत ने शिक्षा को व्यवसाय नहीं मानते हुए कहा कि इसे सभी के लिए सुलभ बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के सुधार के लिए सभी को सहयोग करना होगा। इसके बाद पाठ्यक्रम में सुधार की बात आनी चाहिए।
