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मोहन भागवत ने छात्रों के आंदोलन पर दी प्रतिक्रिया, शिक्षा बजट बढ़ाने की मांग

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली में छात्रों के आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शिक्षा बजट को 6 प्रतिशत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और जेनरेशन जेड की शिकायतों को उचित बताया। भागवत ने शिक्षा प्रणाली में सुधार की बात की और पुलिस एक्शन पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवसाय नहीं है और सभी को शिक्षा मिलनी चाहिए। जानें उनके विचारों के बारे में और क्या सुधार की आवश्यकता है।
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छात्रों के आंदोलन पर मोहन भागवत की टिप्पणी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी ने कभी बड़े लोगों से सवाल नहीं किए। जब उनकी उम्र आज के 'जेन-जी' की उम्र के बराबर थी, तब वे बड़े लोगों की बातों को सुनते थे। लेकिन आज की युवा पीढ़ी तार्किक उत्तर चाहती है।


जेन-जी और जेन अल्फा सम्मेलन में विचार

मुंबई में आयोजित जेन-जी और जेन अल्फा सम्मेलन में भागवत ने कहा कि ये पीढ़ियां ईमानदार हैं। जेन-जी की हाल की शिकायतें उचित हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन आम सहमति की ओर बढ़ने का एक साधन है और विरोध संवाद का एक तरीका है।


शिक्षा बजट को 6 प्रतिशत करने की आवश्यकता

शिक्षा बजट को 6 प्रतिशत करने की आवश्यकता


भागवत ने कहा कि उन्हें जेन-जी पर पूरा विश्वास है और शिक्षा का बजट 6 प्रतिशत होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जेन-जी का आंदोलन देश के खिलाफ नहीं है। शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है और बातचीत को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कुछ खामियों को स्वीकार किया और कहा कि इन्हें सुधारना होगा। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर अनुशासन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


पुलिस एक्शन पर सवाल उठाए

पुलिस एक्शन पर सवाल उठाए


भागवत ने पुलिस के एक्शन, लाठीचार्ज और पैलेट गन के उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि लाठी से हमला क्यों किया गया? पैलेट गन के इस्तेमाल के कारणों का अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं है और सभी को शिक्षा प्रदान करनी चाहिए। शुल्क संरचना पर काम करने की आवश्यकता है।