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मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी का विवादित बयान: हिंदू आबादी पर उठाए सवाल

मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी ने हाल ही में एक इस्लामिक समिट में विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने भारत में हिंदू जनसंख्या पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई समुदायों को हिंदू नहीं माना जाना चाहिए और इस देश में हिंदू बहुसंख्यक नहीं हैं। उनके इस बयान ने विभिन्न समुदायों में बहस छेड़ दी है। जानें उनके तर्क और इस पर उठे विवाद के बारे में।
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मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी का विवादित बयान: हिंदू आबादी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली में मौलाना का बयान


नई दिल्ली। हाल ही में भारत में आयोजित इस्लामिक समिट में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सदस्य मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने विवाद को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में हिंदू जनसंख्या में शामिल कई समुदायों को हिंदू नहीं माना जाना चाहिए और इस देश में हिंदू बहुसंख्यक नहीं हैं।


मौलाना का अध्ययन और तर्क

नोमानी ने यह भी कहा कि उन्होंने पिछले 30 वर्षों में भारत का दौरा करते हुए लोगों की धार्मिक पहचान और विश्वासों का गहन अध्ययन किया है। उनके अनुसार, भारत के जनसांख्यिकीय ढांचे की पारंपरिक समझ गलत है। उनका दावा है कि यदि विभिन्न पहचान समूहों को अलग-अलग गिना जाए, तो हिंदू बहुसंख्यक नहीं माने जा सकते।




समुदायों की पहचान

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति, आदिवासी, सिख, ईसाई, बौद्ध, लिंगायत और तमिलनाडु की जनसंख्या की पहचान उन्हें हिंदू धर्म से अलग करती है। मौलाना ने कहा कि आदिवासी इस भूमि के असली निवासी हैं और उन्हें हिंदू धर्म के दायरे में नहीं रखा जाना चाहिए।


हिंदू जनसंख्या पर सवाल


इसके अतिरिक्त, उन्होंने दोहराया कि हिंदुओं को किसी भी स्थिति में बहुसंख्यक नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि सिख, ईसाई, बौद्ध और अनुसूचित जातियों के लोग हिंदू नहीं हैं।


विवाद और प्रतिक्रियाएँ

मौलाना के बयान पर जाट महासभा के नेता धर्मवीर बालियान ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मौलाना को पहले जाटों का इतिहास देखना चाहिए। धर्मवीर ने कहा कि मौलाना का बयान समाज में तनाव पैदा कर सकता है।


राष्ट्रीय निशानेबाज मोनू मलिक ने भी मौलाना के बयान पर प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि मौलाना को जाट समाज के इतिहास के बारे में जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौलाना धर्म और हिंदू समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।