यमन में हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमले, कई सैनिकों की मौत
यमन में बड़े पैमाने पर हमले
गुरुवार को यमन में हूती विद्रोहियों ने एक साथ कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों का लक्ष्य हद्रामौत और मारिब प्रांतों में स्थित सरकारी सैन्य ठिकाने थे, जिसमें 58 सैनिकों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए। इसके साथ ही, सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र पर भी हमला हुआ, जिसमें 11 नागरिक घायल हुए।
सैन्य ठिकानों पर एक साथ हमला
यमन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये हमले हद्रामौत और मारिब के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर किए गए। सरकारी सेना, होमलैंड शील्ड फोर्सेज, आपातकालीन बल और अन्य सैन्य कैंप इन हमलों के निशाने पर थे। मंत्रालय ने कहा कि हमलों का जवाब उचित समय पर दिया जाएगा।
मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने अल-जॉफ प्रांत से आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनका लक्ष्य हद्रामौत के अल-थिनिया और अल-अब्र क्षेत्र के साथ-साथ मारिब के अल-रौक क्षेत्र थे। यह हमला 2022 के बाद से यमन पर सबसे घातक माना जा रहा है।
सऊदी अरब में नागरिकों की चोटें
सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र पर भी हमले किए गए, जिसमें 11 लोग घायल हुए। घायलों में सात सऊदी नागरिक, एक यमन का नागरिक, दो मिस्र के नागरिक और एक पाकिस्तान का नागरिक शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है।
हूतियों ने हमले की जिम्मेदारी ली
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सारी ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब के समर्थन से यमन में की गई सैन्य तैयारियों के जवाब में की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकारी ठिकानों के साथ नजरान हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया।
अमेरिका की निंदा
यमन में अमेरिकी दूतावास ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे कायराना कार्रवाई बताया। दूतावास ने शहीद हुए यमनी सैनिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस तरह के हमले यमन के लोगों के खिलाफ आतंकवाद का एक और उदाहरण हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
Rudal Yaman menghantam kamp milisi yang didukung Saudi di Najran. pic.twitter.com/g8dq6AbBK3
— Z Operation (@yo2thok) August 7, 2026



Rudal Yaman menghantam kamp milisi yang didukung Saudi di Najran.