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यूएस सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: जन्म के अधिकार से नागरिकता बरकरार

यूएस सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी धरती पर जन्मे बच्चों के नागरिकता के अधिकार को बरकरार रखा है, जिससे भारतीय-अमेरिकी समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है। कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया, जो इस अधिकार को सीमित करने का प्रयास कर रहा था। इस फैसले का स्वागत करते हुए सांसदों ने इसे अप्रवासियों के बच्चों की नागरिकता छीनने का असंवैधानिक प्रयास बताया। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव।
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यूएस सुप्रीम कोर्ट का निर्णय


यूएस सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के अधिकार को बनाए रखा
यूएस सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी भूमि पर जन्मे बच्चों को नागरिकता का अधिकार देने वाले कानून को बरकरार रखा है। कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया, जो इस अधिकार को सीमित करने का प्रयास कर रहा था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले बच्चे स्वाभाविक रूप से नागरिक होते हैं।


भारतीय-अमेरिकी समुदाय की प्रतिक्रिया

इस निर्णय का भारतीय-अमेरिकी समुदाय और सांसदों ने स्वागत किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति शी और चीन जैसे देशों को जन्मसिद्ध नागरिकता के मामले में मिली जीत पर बधाई देना चाहते हैं।


सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और ट्रंप का प्रयास

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस प्रयास को अस्वीकार कर दिया, जिसमें वे 150 साल पुरानी नीति को समाप्त करना चाहते थे। उनका कार्यकारी आदेश यह सुनिश्चित करने के लिए था कि बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों और अस्थायी निवासियों के बच्चे अपने आप अमेरिकी नागरिक न बन सकें।


सांसदों का समर्थन

नागरिक संगठन इंडियन अमेरिकन इंपैक्ट के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय यह दर्शाता है कि अमेरिका में कौन रहने का हकदार है। भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम ने इस फैसले का स्वागत किया और ट्रंप के आदेश को अप्रवासियों के बच्चों की नागरिकता छीनने का असंवैधानिक प्रयास बताया।