यूट्यूबर सलीम वास्तिक की जेल से रिहाई और विवादित बयान
सलीम वास्तिक की रिहाई
यूट्यूबर सलीम वास्तिक अब दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर आ चुके हैं। उन्हें 15 अप्रैल को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, सलीम ने 1995 में दिल्ली के गोकुलपुरी में 13 वर्षीय संदीप बंसल का अपहरण कर उसकी हत्या की थी। 1997 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन साल 2000 में उन्हें जमानत मिल गई। जेल से बाहर आने के बाद, उन्होंने अपनी पहचान बदल ली और गांव में अपनी मौत की अफवाह फैला दी।
वीडियो में सलीम का संदेश
ढाई महीने बाद, सलीम वास्तिक ने जेल से बाहर आने के बाद एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा, 'दोस्तों, सलीम वास्तिक वापस आ गया है। सच्चा आदमी कभी परेशान नहीं हो सकता, थोड़ी बहुत अड़चनें आती हैं, लेकिन मैं बाहर हूं।'
वीआईपी श्रेणी में रहकर लौटे सलीम
सलीम ने आगे कहा, 'जिस कारण मैं अंदर गया, उसमें कोई सामान्य व्यक्ति बाहर नहीं आ सकता। केवल वही बाहर आ सकता है, जो सही होगा। मैं इज्जत के साथ वीआईपी श्रेणी में रहकर आया हूं।'
मौलाना बनने की इच्छा नहीं
वीडियो में सलीम ने यह भी कहा, 'मुझे 10 दिन में छोड़ दिया जाता, लेकिन जेल प्रशासन ने कहा कि हम आपको बकरीद तक नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे मेरी सेवा करेंगे और इलाज करवाएंगे। बकरीद के बाद मुझे बाहर भेज दिया गया। मैं आपके बीच हूं और मुसलमान कौम के लिए काम करूंगा। हम हमेशा मुसलमान कौम के लिए काम करते रहे हैं। हम उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर और सरकारी अफसर बनते देखना चाहते हैं, मौलाना नहीं।'
जानलेवा हमले का शिकार
गौरतलब है कि सलीम वास्तिक पर 27 फरवरी को गाजियाबाद के लोनी में उनके दफ्तर पर जानलेवा हमला किया गया था। हमलावरों ने उनका गला रेतने की कोशिश की थी और उन पर 10 से अधिक बार चाकू से हमला किया गया था। जवाबी कार्रवाई में यूपी एसटीएफ ने दोनों आरोपियों जीशान और गुलफाम को मुठभेड़ में मार गिराया।
