यूरोप में हीटवेव: 26 देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर
यूरोप में गर्मी का कहर
यूरोप के 26 देशों में हीटवेव का प्रभाव
यूरोप के 26 देशों में गर्मी की लहर ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन सहित 15 देशों में गर्मी के लिए चेतावनी जारी की गई है। इनमें से अधिकांश देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंचने की संभावना है। फ्रांस के अधिकांश हिस्सों में गर्मी के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
फ्रांस में गर्मी से जनहानि
सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया है। फ्रांस की मौसम एजेंसी के अनुसार, सोमवार रात को देश ने 1947 के बाद से सबसे गर्म रात का अनुभव किया। कई क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। गर्मी के कारण 58 लोगों की जान चली गई है। रिपोर्ट के अनुसार, लोग राहत पाने के लिए नदियों और झीलों में नहाने जा रहे हैं, जिससे पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इनमें अधिकतर युवा शामिल हैं। इसके अलावा, 2 बच्चों समेत 18 लोगों की गर्मी के कारण लू से मौत हुई है।
स्कूलों की बंदी
भीषण गर्मी के चलते 1,350 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, गर्मी के कारण सरकार ने वार्षिक संगीत महोत्सव 'फेत द ला म्यूजिक' के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगाया है।
ब्रिटेन में तापमान रिकॉर्ड तोड़ने की संभावना
ब्रिटेन के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बुधवार को तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह 1976 में दर्ज जून के 35.6 डिग्री सेल्सियस के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ देगा। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग जारी की है।
अन्य देशों में भी गर्मी का असर
स्पेन के कई हिस्सों में तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। जर्मनी में भी गर्मी का प्रभाव देखा जा रहा है, जहां एक हफ्ते में नदी में नहाने से 5 लोगों की मौत हो गई। बवेरिया की झीलों में 2 युवकों की डूबने से मौत हुई, जबकि बाल्टिक सागर में एक महिला की जान चली गई। बेल्जियम के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह गर्मी देश के इतिहास की सबसे भीषण हीटवेव बन सकती है। इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान समेत 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है।
गर्मी का कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी का मुख्य कारण हीट डोम और ओमेगा ब्लॉक का एक साथ बनना है। ओमेगा ब्लॉक एक ऐसी मौसमीय स्थिति है, जिसमें हवा का बहाव सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ पाता। इसके कारण हीट डोम बनता है, जो गर्म हवा को जमीन के ऊपर फंसा देता है। इस स्थिति के चलते कई दिनों तक तापमान लगातार बढ़ता रहता है, जिससे यूरोप के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है।
