योगी आदित्यनाथ ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन की घोषणा की, समाज को मिलेगा सम्मानजनक जीवन
मुख्यमंत्री का घुमंतू समाज के प्रति वादा
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब घुमंतू समुदाय को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेगी। डबल इंजन की सरकार उनके लिए सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित करने, शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उनके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम ने बताया कि घुमंतू विकास बोर्ड केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह वर्षों से उपेक्षित विमुक्त और घुमंतू समाज को न्याय, सम्मान और अवसर प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। कैबिनेट द्वारा बोर्ड के गठन के निर्णय के बाद, गुरुवार को आयोजित आभार और अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज को संबोधित किया। जैसे ही मुख्यमंत्री कार्यक्रम में पहुंचे, सपेरा समाज ने बीन बजाकर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने 1871 के क्रिमिनल ट्राइब एक्ट के जरिए उन वीर समुदायों को अपराधी घोषित किया, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1857 के पहले स्वाधीनता संग्राम के बाद, अंग्रेजों ने सुनियोजित तरीके से इन जातियों पर कलंक लगाया, जिससे उनका सामाजिक सम्मान समाप्त हो गया। स्वतंत्र भारत में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस अन्याय को समाप्त किया, लेकिन उनके विकास के लिए आवश्यक प्रयास लंबे समय तक नहीं किए गए। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इनके लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोग का गठन हुआ और उसी भावना के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड का गठन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल घुमंतू समाज के सम्मेलन में बोर्ड गठन की मांग रखी गई थी, और उन्होंने उसी समय इसकी घोषणा की थी। अब बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसका गठन जल्द पूरा किया जाएगा और इसकी संरचना ऐसी होगी जिसमें विभिन्न घुमंतू और विमुक्त जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो, ताकि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंचे और विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें।
'सबका साथ-सबका विकास' मंत्र आज समाज के प्रत्येक तबके के उत्थान का कारण बना है। उत्थान की इस यात्रा का आधार है- 'घुमंतू विकास बोर्ड'।
घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के लिए लखनऊ में आज विमुक्त एवं घुमंतू समाज द्वारा आभार ज्ञापन हेतु आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।
विमुक्त एवं… pic.twitter.com/2i1XUvP8O6
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 6, 2026
मुख्यमंत्री ने सपेरा समाज का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह समुदाय प्राचीन काल से शिवावतारी गुरु गोरखनाथ की परंपरा का अनुयायी रहा है। विदेशी आक्रमणों के समय, जब संचार के आधुनिक साधन उपलब्ध नहीं थे, तब यही समाज भजन और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से लोगों को जागरूक करता था। आज भी यह समाज घुमंतू जीवन व्यतीत कर रहा है। राज्य सरकार इनके सम्मानजनक पुनर्वास और समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
इस मौके पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू समाज के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का घुमंतू विकास बोर्ड का गठन ऐतिहासिक और दूरदर्शी है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के लिए जितना आभार व्यक्त किया जाए, वह कम है। यह बोर्ड विभिन्न विभागों की तरफ से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को विमुक्त और घुमंतू समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सेतु बनेगा और उनके जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगा। लोग कहने लगे हैं कि यह समाज अब घुमंतू नहीं, टिकंतू हो रहा है। अब उनके पास अपना घर है, बिजली है, आजीविका के साधन हैं और सम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन पर सपेरा समाज ने पारंपरिक बीन वादन सहित अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विमुक्त एवं घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को ऐतिहासिक निर्णय बताया। सुभाष जोगी ने कहा कि उनका समाज वर्षों तक उपेक्षा का शिकार रहा। हम तो झंडे पकड़कर चलने वाले मजदूर थे। पहले अंग्रेजों की मजदूरी की, फिर देश आजाद हो गया, लेकिन हमारे जीवन में कोई बदलाव नहीं आया। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पहली बार हमारे समाज की सुध ली गई। पिछले वर्ष विमुक्त जाति दिवस पर मुख्यमंत्री ने जिस बोर्ड के गठन की घोषणा की थी, वह आज पूरी हो गई है। इसके लिए हम उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं.
