योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को बताया सांस्कृतिक रामसेतु
दीपोत्सव का महत्व
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्री अयोध्या का दीपोत्सव अब भारत और विश्व के बीच एक अद्वितीय 'सांस्कृतिक रामसेतु' बन गया है। विभिन्न देशों जैसे श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड के कलाकार अपनी भाषाओं और परंपराओं के माध्यम से रामकथा को जीवंत करते हैं। जैसे कई नदियाँ एक ही सागर में मिलती हैं, वैसे ही विभिन्न संस्कृतियों की धाराएँ अयोध्या में आकर एक 'रामत्व' में समाहित हो जाती हैं।
आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक विरासत
उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक तकनीक इस सांस्कृतिक संगम को और भी भव्य बना रही है, जिससे नई पीढ़ी को अपनी गौरवमयी विरासत से जोड़ा जा रहा है। लेकिन 2017 से पहले सत्ता में रहे लोगों की सांस्कृतिक सोच केवल सैफई महोत्सव में अपने परिवार का वैभव दिखाने तक सीमित थी। अयोध्या की महान विरासत उनके लिए प्राथमिकता नहीं थी। उनके लिए परिवार ही प्रदेश था, जबकि हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है।
प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन
श्री अयोध्या जी का दीपोत्सव आज भारत और विश्व के मध्य एक अद्भुत ‘सांस्कृतिक रामसेतु’ बन गया है।
श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड सहित विभिन्न देशों के कलाकार अपनी भाषा और परंपराओं में रामकथा को जीवंत करते हैं। जैसे अनेक नदियां एक ही सागर में मिलती हैं, वैसे ही विभिन्न संस्कृतियों की ये धाराएं श्री अयोध्या जी में आकर एक ही ‘रामत्व’ में समाहित हो जाती हैं।
आधुनिक तकनीक इस सांस्कृतिक संगम को और भव्य बनाते हुए नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ रही है।
लेकिन वर्ष 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोगों की सांस्कृतिक सोच सैफई महोत्सव में अपने परिवार का वैभव दिखाने तक सीमित थी। श्री अयोध्या जी की महान विरासत उनकी प्राथमिकता में नहीं थी। उनके लिए परिवार ही प्रदेश था, हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है।
इसी सोच के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने श्री अयोध्या जी की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव दिया है।
आज दीपोत्सव केवल दीपों का उत्सव नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था, आधुनिक तकनीक और भारत की सनातन विरासत का ऐसा संगम है, जिसकी आभा पूरे विश्व तक पहुंच रही है।
जय जय श्री राम।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 4, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि, इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या जी की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव दिया है। आज दीपोत्सव केवल दीपों का उत्सव नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था, आधुनिक तकनीक और भारत की सनातन विरासत का ऐसा संगम है, जिसकी आभा पूरे विश्व तक पहुंच रही है।
