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योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रशासनिक अकादमी का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ₹464 करोड़ की लागत से निर्मित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रशासन में नवाचार और दक्षता को सुशासन की नींव बताया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया और अकादमी को भारत के प्रमुख स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस अकादमी के महत्व और योगी के विचारों के बारे में।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अकादमी का लोकार्पण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ₹464 करोड़ की लागत से बने डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM) के नए परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रशासन में नवाचार, दक्षता और उत्कृष्टता का समावेश सुशासन की नींव है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे राष्ट्रहित और जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए समर्पण, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।


मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस अकादमी को भारत के प्रमुख स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। यह संस्थान ज्ञान को विकास, विकास को सार्वजनिक विश्वास और सार्वजनिक विश्वास को राष्ट्र निर्माण में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि अकेले चलने की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। टीमवर्क, सकारात्मक दृष्टिकोण और नवाचार ही सफलता की कुंजी हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को निरंतर सीखते रहना, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है।




उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि तेजी से विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश विकसित भारत की नींव बनेगा, और इसके लिए हर गांव, कस्बा और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। राजनीतिक नेतृत्व केवल दृष्टि दे सकता है, लेकिन इसे धरातल पर उतारने की शक्ति प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्य संस्कृति अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।