योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति: पांच तहसीलदार निलंबित, 13 को नोटिस
योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राजस्व मामलों में लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, राजस्व परिषद ने समय पर वादों के निस्तारण में कमी के चलते पांच तहसीलदारों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, 13 अन्य तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 7 सितंबर को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-34 के तहत दाखिल वादों की गहन समीक्षा की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
निलंबित अधिकारियों की सूची
निलंबित किए गए अधिकारियों में अमित यादव (तहसीलदार संडीला हरदोई), कृष्ण कुमार मिश्रा (तहसीलदार देवरिया), सौरभ कुमार (तहसीलदार जौनपुर), रंजन वर्मा (तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या) और अलख शुक्ला (तहसीलदार प्रतापगढ़) शामिल हैं। इससे पहले, 1 सितंबर 2026 को भी चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री द्वारा राजस्व अदालतों में लंबित वादों की समयबद्ध समीक्षा के बाद की गई थी।
कारण बताओ नोटिस जारी
इसके अतिरिक्त, 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को वादों के निस्तारण में लापरवाही के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें चंद्रशेखर वर्मा (तहसीलदार देवरिया), गोपाल जी (नायब तहसीलदार देवरिया), रविरंजन कश्यप (तहसीलदार जौनपुर) और अन्य शामिल हैं। राजस्व परिषद ने इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
न्याय की प्राथमिकता
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई एक बार की नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा है। लापरवाही और उदासीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वादों के समयबद्ध निस्तारण में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रदेश के किसानों और आम नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी न्याय मिल सके।
