रक्षा बंधन पर ट्रेनों की सीटें फुल, यात्रियों को बस या जनरल कोच का सहारा
रक्षा बंधन के दौरान यात्रा की चुनौतियाँ
रक्षा बंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में ट्रेनों में सीटें पूरी तरह से भरी हुई हैं, और वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं हैं। कई ट्रेनों पर रिग्रेट के बोर्ड लगे हुए हैं, जिससे जनरल डिब्बे या बस का विकल्प ही बचता है। हर साल त्योहारों के समय ट्रेनों की यही स्थिति होती है, और तत्काल टिकट प्राप्त करना भी बेहद कठिन हो जाता है।
नई दिल्ली से ट्रेनों की स्थिति
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीटें पूरी तरह से भरी हुई हैं। इनमें या तो बहुत अधिक वेटिंग है या फिर रिग्रेट की स्थिति है। यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि हर साल त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यही हालात होते हैं। यदि आपने 60 दिन पहले टिकट नहीं लिया, तो कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल है। विशेषकर छठ और दिवाली के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है।
गुड़गांव से यात्रा की कठिनाई
गुड़गांव से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों में भी वेटिंग टिकट नहीं मिल रहे हैं। कई यात्री तत्काल टिकट के सहारे घर जाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टेशन पर ट्रेन के आने से 24 घंटे पहले ही तत्काल टिकट लिया जा सकता है।
बस या जनरल कोच का विकल्प
रक्षा बंधन के त्योहार के कारण यात्रियों की संख्या में वृद्धि के चलते तत्काल टिकट मिलना भी मुश्किल होगा। ऐसे में लोग ऑनलाइन और विंडो टिकट के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे। 26 और 27 अगस्त के बीच चलने वाली ट्रेनों की स्थिति बहुत खराब है, और वेटिंग टिकट भी नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को बस या जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ेगी।
