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रसिक दुलारी शरण की मौत: प्रेमानंद महाराज की मौजूदा स्थिति और पुलिस जांच पर नजरें

रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के बाद, केली कुंज आश्रम में कई चर्चाएं चल रही हैं। प्रेमानंद महाराज की अनुपस्थिति और उनकी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। मथुरा पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, जिससे स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और प्रेमानंद महाराज के आश्रमों के बारे में क्या जानकारी मिली है।
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केली कुंज आश्रम में उठ रहे सवाल

रसिक दुलारी शरण के निधन के बाद केली कुंज आश्रम के बारे में कई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस संदर्भ में कुछ परिवार अपने बच्चों की खोज में मथुरा पहुंचने की जानकारी दे रहे हैं। इस बीच, प्रेमानंद महाराज की अनुपस्थिति और उनके विचारों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जब प्रेमानंद महाराज की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई गई, तो उन्हें केली कुंज आश्रम में नहीं पाया गया। उनके दो प्रमुख आश्रमों में से एक मथुरा के वारघाट पर स्थित केली कुंज है, जबकि दूसरा यमुना पार बेलवन क्षेत्र में यमुना विहार कुंज है।


प्रेमानंद महाराज के आश्रमों की जानकारी

केली कुंज के अलावा, यमुना विहार कुंज भी प्रेमानंद महाराज से जुड़ा हुआ है। पहले, रमण रेती में कृष्णम अपार्टमेंट का एक फ्लैट भी उनके निवास के रूप में जाना जाता था, जहां से वह भक्तों के साथ रात में यात्रा पर निकलते थे। हालाँकि, वर्तमान में उनकी उपस्थिति यमुना विहार कुंज में बताई जा रही है।


केली कुंज आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था

केली कुंज आश्रम के आसपास पहुंचने पर कुछ शिष्यों ने बताया कि आश्रम बंद है और आम लोगों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। कैमरे से रिकॉर्डिंग करने की भी मनाही है। आश्रम के चारों ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, और परिसर में कई हाई-डेफिनिशन कैमरे भी लगाए गए हैं।


पांच महीने से यमुना विहार कुंज में रहने का दावा

एक शिष्य के अनुसार, प्रेमानंद महाराज पिछले लगभग पांच महीनों से बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज में हैं। रसिक दुलारी की मृत्यु के बाद, महाराज ने इसी आश्रम से भक्तों के लिए एक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने सांसारिक घटनाओं से ध्यान हटाकर भजन में मन लगाने की अपील की।


पुलिस जांच पर सबकी नजरें

रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में मथुरा पुलिस जांच कर रही है। मौत की परिस्थितियों और उससे जुड़े अन्य सवालों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, आश्रम, शिष्यों और परिवार द्वारा दी गई जानकारी को केवल दावों के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।