रांची में JPSC-JSSC परीक्षा के खिलाफ छात्रों का उग्र प्रदर्शन
JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन
JPSC विरोध: रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब तीव्र हो गया है। हजारों छात्र विधानसभा के निकट धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कंटीले तारों के साथ बैरिकेडिंग और वाटर कैनन का सहारा लिया। इसके परिणामस्वरूप पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
लाठीचार्ज के बाद स्थिति में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास कर रही थी, जबकि सड़क पर छात्रों की चप्पलें बिखरी हुई थीं। इससे पहले, प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए थे। पुलिस द्वारा लगाए गए कंटीले तारों और वाटर कैनन के बावजूद, कई छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी और नृत्य करते हुए दिखाई दिए।
विधानसभा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में छह स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। CCTV कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ वाटर कैनन भी मौके पर मौजूद हैं।
इस प्रदर्शन में 9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो भी एंबुलेंस से पहुंचे और विधानसभा मार्च में शामिल हुए। छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह आंदोलन पिछले 17 दिनों से चल रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन में शामिल 6 छात्र भूख हड़ताल पर हैं।
कल तक यही विपक्ष के लोग केंद्र सरकार और BJP को समझा रहे थे—
“बच्चे हैं… प्रदर्शन कर रहे हैं… इन पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए।”आज वही सवाल रांची की सड़कों पर खड़ा है।
JPSC-JSSC के उम्मीदवार विधानसभा घेराव के लिए निकले,
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।… pic.twitter.com/NUNC1TFovm— Shubham Mishra (@ShubhammishraMP) August 10, 2026
इसी बीच, छात्रों के समर्थन में कुछ भाजपा विधायक भी मुख्यमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।
लाठीचार्ज के बाद एक प्रदर्शनकारी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बैरिकेडिंग के पास शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठियां चलाईं। प्रदर्शनकारी के अनुसार, पुलिस ने सिर, हाथ और चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों पर लाठियां मारीं।
विधानसभा के पास हुए लाठीचार्ज में एक छात्र के सिर पर चोट भी आई है। घायल छात्र विक्रम कुमार ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और किसी प्रकार की गाली-गलौज नहीं कर रहे थे। उनके अनुसार, अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था।
