राजनाथ सिंह ने नए कैडेट्स को युद्ध की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की दी सलाह
कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में राजनाथ सिंह का संबोधन
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को हैदराबाद में एयर फोर्स एकेडमी में आयोजित 217वें कोर्स की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड के दौरान नए ग्रेजुएट कैडेट्स को सलाह दी कि उन्हें युद्ध जैसी परिस्थितियों में खुद को ढालना चाहिए। उन्होंने नए विचारों को अपनाने और आवश्यकतानुसार बदलाव करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ट्रेनिंग पूरी करने पर बधाई
इस अवसर पर, रक्षा मंत्री ने सभी प्रशिक्षुओं को उनकी सफल ट्रेनिंग के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना एकेडमी की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में उपस्थित होना उनके लिए गर्व की बात है।
इतिहास रचने वाली सेवा
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने 1947-48 में कश्मीर युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 1971 में ढाका पर निर्णायक हवाई हमलों के जरिए केवल 13 दिन में इतिहास रच दिया था। उन्होंने कहा कि कैडेट्स अब इसी सेवा का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
कैडेट्स का सफर अभी शुरू हुआ है
उन्होंने कैडेट्स को याद दिलाया कि उनका सफर अभी शुरू हुआ है। राजनाथ ने कहा कि वे एक ऐसी सेवा में शामिल हो रहे हैं जिसने हमेशा देश की हर पुकार पर अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि वायु सेना ने आतंकवादी ठिकानों को सटीकता के साथ नष्ट किया।
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