Newzfatafatlogo

राजस्थान में मंत्री भगीरथ चौधरी ने सब्सिडी योजना का उठाया लाभ

केंद्रीय कृषि मंत्री भगीरथ चौधरी ने राजस्थान में अपने खीरे के फार्म के लिए लगभग 99 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त की है। यह मामला इसलिए विवादास्पद है क्योंकि चौधरी नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं। योजना के तहत किसानों को व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन मंत्री का अपना प्रोजेक्ट पास होना हितों के टकराव का सवाल खड़ा करता है। जानें इस योजना की विशेषताएँ और सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में।
 | 

राजस्थान में खीरे की खेती पर सब्सिडी का मामला

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने अपने खीरे के फार्म के लिए मंत्रालय की योजना से लगभग 99 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त की है। यह फार्म राजस्थान के दीदवाना-कुचामन जिले के पीह गांव में स्थित है, जहां पॉलीहाउस, तालाब और बाड़ वाले बड़े बगीचे में खीरे की खेती की जा रही है.


Farm Image


फार्म पर लगे साइनबोर्ड से स्पष्ट होता है कि इस परियोजना को नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) से सहायता मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने सब्सिडी के रूप में कुल लागत का 50 प्रतिशत, लगभग 99.60 लाख रुपये प्रदान किया है.


मंत्री की भूमिका और सब्सिडी का विवाद

भगीरथ चौधरी, जो नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड के एक्स-ऑफिशियो उपाध्यक्ष हैं, ने इस योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त की है। यह बोर्ड मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के अंतर्गत व्यावसायिक हॉर्टिकल्चर को बढ़ावा देने वाली योजनाएं संचालित करता है.


योजना की विशेषताएँ


इस योजना के तहत खीरे, टमाटर, शिमला मिर्च और कुछ फूलों की खेती पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है, जिसकी अधिकतम राशि प्रति परिवार 1 करोड़ रुपये हो सकती है. वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत केवल 467 प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी, जिसमें भगीरथ चौधरी का प्रोजेक्ट भी शामिल है.


सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया

रिपोर्ट के अनुसार, भगीरथ चौधरी ने अप्रैल 2025 में ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसके 14 दिन बाद इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिल गई। मार्च 2026 में अंतिम मंजूरी दी गई और 30 मार्च 2026 को HDFC बैंक के लोन अकाउंट में 99.03 लाख रुपये की सब्सिडी ट्रांसफर कर दी गई. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1.99 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1.49 करोड़ रुपये का लोन HDFC बैंक से लिया गया है.


सवाल उठने के कारण

हालांकि, आधिकारिक रूप से बोर्ड के उपाध्यक्ष को प्रोजेक्ट मंजूर करने में सीधी भूमिका नहीं होती, लेकिन मंत्री का अपना प्रोजेक्ट अपनी ही मंत्रालय की योजना से पास होना हितों के टकराव का सवाल खड़ा करता है। भगीरथ चौधरी ने मार्च 2025 में प्रधानमंत्री कार्यालय को दी गई संपत्ति की घोषणा में इस प्रोजेक्ट का उल्लेख नहीं किया था.


उनके सहायक ने बाद में कहा कि विवरण सरकार को दिया जाएगा. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह पहली बार नहीं है, जब भगीरथ चौधरी और उनके बेटे ने इसी योजना के तहत आवेदन किया था, लेकिन तब दोनों आवेदन खारिज हो गए थे.


योजना का उद्देश्य

यह योजना किसानों को बड़े पैमाने पर व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके लिए न्यूनतम 4000 वर्ग मीटर जमीन होनी चाहिए और बैंक से लोन लेना आवश्यक है. सब्सिडी लोन अकाउंट में ही जमा होती है. भगीरथ चौधरी अजमेर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं.