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राज्यसभा में खड़गे का हंगामा, कहा- 'क्या मुझे रिजिजू से नियम सीखने की जरूरत है?'

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें नियम सिखाने की आवश्यकता नहीं है और आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सदस्यों का अपमान कर रही है। खड़गे ने सरकार से मांग की कि गृह मंत्री सदन में आकर बयान दें। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का कार्य कर रहा है, लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है। जानें इस हंगामे के पीछे की पूरी कहानी।
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राज्यसभा में हंगामे के बीच खड़गे का बयान

नई दिल्ली- गुरुवार को राज्यसभा में हंगामे के दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी का कड़ा जवाब दिया। खड़गे ने कहा कि उन्हें नियमों के बारे में सिखाने की आवश्यकता नहीं है।


खड़गे ने कहा, 'क्या अब मुझे रिजिजू से नियम सीखना पड़ेगा? मैं भी नियम जानता हूं। आप लोग भी सभापति के कक्ष में जाकर नियमों का हवाला देते हैं। अगर मैं यहां अपना विषय पढ़कर नहीं बोलूंगा, तो मैं यहां क्या करूंगा? क्या मैं आपके द्वारा दिया गया विषय पढ़ूंगा? यह मेरा अधिकार है कि मैं क्या बोलूं, कब बोलूं और कैसे बोलूं।' उन्होंने कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसद पवन खेड़ा पर की गई टिप्पणी का भी जवाब दिया और आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सदस्यों का अपमान कर रही है।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गृह मंत्री सदन में आकर बयान दें। खड़गे ने कहा, 'हम चाहते हैं कि संबंधित मंत्री सदन में आकर बयान दें। उसके बाद हम पूरी तरह चर्चा के लिए तैयार हैं।' उनके वक्तव्य के दौरान सदन में शोर-शराबा जारी रहा, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।


खड़गे ने कहा कि सरकार विपक्ष के मुद्दों का जवाब देने के बजाय उनसे बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सभापति से कहा कि सरकार की बात भी सुनिए, लेकिन विपक्ष को भी बोलने का अवसर दिया जाए। इसके बाद खड़गे ने राज्यसभा के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी सदस्य के खिलाफ मानहानिकारक या आपराधिक आरोप तब तक नहीं लगाए जा सकते, जब तक संबंधित सदस्य को पहले इसकी सूचना न दी गई हो। उन्होंने पवन खेड़ा का बचाव करते हुए कहा, 'पवन खेड़ा पढ़े-लिखे और अच्छे व्यक्ति हैं। उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।' रिजिजू ने कहा था कि पवन खेड़ा को पहले संसदीय नियमों का अध्ययन करना चाहिए।


खड़गे ने दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली के एक वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र में व्यवधान कभी-कभी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि सदन में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना विपक्ष का अधिकार है। खड़गे ने आरोप लगाया कि जब भी विपक्ष जनता और देश से जुड़े सवाल उठाता है, तो सरकार उनका जवाब देने से बचती है।