राज्यसभा में संपत्ति के मामले में ऐतिहासिक वृद्धि: 2026 तक 31 सांसदों के पास 100 करोड़ से अधिक संपत्ति
संसद में संपत्ति का बढ़ता ग्राफ
नई दिल्ली: पिछले 12 वर्षों में राज्यसभा की आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, उच्च सदन में ₹100 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले सांसदों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2014 में केवल 4 सांसदों के पास ₹100 करोड़ से अधिक संपत्ति थी, जो 2018 में बढ़कर 6 हो गई और 2026 तक यह संख्या 31 तक पहुंचने की संभावना है। यह स्पष्ट है कि अब राज्यसभा में लगभग हर 7वां सांसद अरबपतियों के इस विशेष समूह का हिस्सा है।
सांसदों की औसत संपत्ति और आंकड़े
226 सांसदों की औसत संपत्ति ₹115.25 करोड़, 14% सांसद ₹100 करोड़ से ऊपर
एडीआर ने राज्यसभा के 233 सदस्यों में से 226 सांसदों के हलफनामों का गहन विश्लेषण किया है। इसमें पश्चिम बंगाल की 4 रिक्त सीटें और 3 सांसदों—देवेंद्र प्रताप सिंह, जी.सी. चंद्रशेखर और एस. सेल्वगणपति के हलफनामे शामिल नहीं हैं। विश्लेषण के अनुसार, 226 में से 31 सांसद, यानी लगभग 14 प्रतिशत सदस्य ₹100 करोड़ से अधिक संपत्ति के मालिक हैं। पूरे सदन के सांसदों की औसत घोषित संपत्ति ₹115.25 करोड़ है, जो 2018 में ₹55.62 करोड़ के मुकाबले दोगुनी से अधिक है। सदन की कुल घोषित संपत्ति लगभग ₹26,047 करोड़ आंकी गई है।
राजनीतिक दलों के आधार पर संपत्ति का वितरण
दलवार स्थिति: निर्दलीयों का 100% रिकॉर्ड, भाजपा के 7 और कांग्रेस के 6 सांसद शामिल
राजनीतिक दलों के संदर्भ में, भाजपा के 107 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों (7 प्रतिशत) ने ₹100 करोड़ से अधिक संपत्ति घोषित की है। वहीं, कांग्रेस के 29 में से 6 सांसदों (21 प्रतिशत) की संपत्ति इस सीमा से ऊपर है। क्षेत्रीय दलों में वाईएसआरसीपी के 4 में से 2, टीडीपी के 4 में से 2, बीआरएस के 3 में से 2 और एनसीपी के 4 में से 2 सांसद 100 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले हैं। इसके अलावा, सदन में मौजूद सभी 4 निर्दलीय सांसदों की घोषित संपत्ति भी 100 प्रतिशत इस आंकड़े के पार है।
सर्वाधिक संपत्ति वाले सांसद
बंदी पार्थ सारथी रेड्डी देश के सबसे अमीर सांसद, राजिंदर गुप्ता दूसरे स्थान पर
शीर्ष अमीर सांसदों की सूची में बीआरएस (तेलंगाना) के डॉ. बंदी पार्थ सारथी रेड्डी लगभग ₹5,300 करोड़ की घोषित संपत्ति के साथ सबसे अमीर राज्यसभा सांसद बने हैं। उनके बाद पंजाब से भाजपा सांसद राजिंदर गुप्ता लगभग ₹5,053 करोड़ की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। तेलंगाना से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी लगभग ₹2,558 करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर हैं। वहीं समाजवादी पार्टी की जया बच्चन ₹1,578 करोड़ की संपत्ति के साथ चौथे, झारखंड से निर्दलीय सांसद परिमल नथवाणी ₹755 करोड़ के साथ पांचवें और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ₹608 करोड़ के साथ सातवें स्थान पर हैं।
राज्यवार संपत्ति का वितरण
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सांसदों का दबदबा: कुल संपत्ति का 39% हिस्सा सिर्फ दो राज्यों से
राज्यवार आंकड़ों में दक्षिण भारत के दो राज्यों का वर्चस्व स्पष्ट है। तेलंगाना के 7 में से 4 सांसद और आंध्र प्रदेश के 11 में से 5 सांसद ₹100 करोड़ क्लब का हिस्सा हैं। इन दोनों राज्यों के कुल 18 सांसदों की संयुक्त संपत्ति ₹10,259 करोड़ है, जो पूरे सदन की कुल संपत्ति का लगभग 39 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त ओडिशा के 3, पंजाब के 2, गुजरात के 2, उत्तर प्रदेश के 4 और महाराष्ट्र के 3 सांसद इस अमीर क्लब में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति देश के उच्च सदन में संपन्न कारोबारी, पेशेवर और राजनीतिक परिवारों के बढ़ते प्रतिनिधित्व को दर्शाती है।
