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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया था। पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
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राम मंदिर ट्रस्ट में इस्तीफे की हलचल


राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घटना घटी। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंपा।


ट्रस्ट के ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी मिली है। हालांकि, कुछ अन्य सूत्रों का कहना है कि चंपत राय ने केवल महासचिव पद से इस्तीफा दिया है, जबकि ट्रस्ट की सदस्यता बरकरार रखी है।


इससे पहले, गुरुवार रात पुलिस ने चंपत राय के करीबी सहयोगी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी 14 दिन की रिमांड की मांग करेगी।


इस मामले में पहली एफआईआर गुरुवार शाम ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी। हालांकि, एफआईआर में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी थी।


इस बीच, पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रामलला के दर्शन किए। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने इतना बड़ा पाप किया है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दर्ज की गई एफआईआर केवल दिखावा है। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।”