राम मंदिर चढ़ावे में चोरी पर आरएसएस की पहली प्रतिक्रिया
आरएसएस की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। संघ ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। यह ध्यान देने योग्य है कि मंदिर का प्रबंधन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास है, जिसके शीर्ष अधिकारी संघ से जुड़े हुए हैं। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय, जो ट्रस्ट के महासचिव थे, ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस पर निर्णय लेने के लिए विश्व हिंदू परिषद की बैठक 6 जून को अयोध्या में होगी।
आरएसएस का बयान
आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'रामलला मंदिर में दानपात्रों में जमा राशि की चोरी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इससे रामभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। हमें उनका विश्वास बनाए रखना चाहिए। विशेष जांच दल द्वारा की गई जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कठोर दंड मिलना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि करोड़ों रामभक्तों के समर्पण से भव्य राम मंदिर बना है और ट्रस्ट को सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
भाजपा नेता का बयान
भाजपा नेता विनय कटियार ने अयोध्या में कहा, 'यह स्पष्ट है कि पैसे का गबन हुआ है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य ट्रस्टी किसी कारण से बच गए हैं।' कटियार ने यह भी दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर बात की थी। उन्होंने कहा, 'पीएम ने मुझसे पूछा कि अब क्या होगा? मैंने कहा कि सब ठीक हो जाएगा।' उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
जांच की प्रगति
दूसरी ओर, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को भी मंदिर में जांच की। गुरुवार को अनिल मिश्रा से पूछताछ की गई थी और शुक्रवार को गोपाल राव से पूछताछ होने की संभावना है। पुलिस ने अयोध्या जेल में आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की कस्टडी में लिया और दो घंटे की पूछताछ के बाद उसे प्रतापगढ़ भेज दिया। पूछताछ में यह पता चला कि अविनाश ने चढ़ावे में आए सोने, चांदी के जेवर और नकद राशि को ठिकाने लगाया है। उसके पास से 20 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
