राम मंदिर ट्रस्ट के दो प्रमुख सदस्यों ने दिया इस्तीफा, चढ़ावे में चोरी का मामला गरमाया
राम मंदिर ट्रस्ट में इस्तीफे की पुष्टि
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस बात की पुष्टि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी ने एक पत्र के माध्यम से की। उन्होंने बताया कि इन इस्तीफों पर 11 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में चर्चा की जाएगी। स्वामी गोविंददेव गिरी ने राम भक्तों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दिया गया दान सुरक्षित है।
यह ध्यान देने योग्य है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है।
गोविंददेव गिरी ने पत्र में लिखा, 'हम उन भक्तों को आश्वस्त करते हैं, जिन्होंने चांदी की ईंटें और सोने-चांदी के आभूषण प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पित किए हैं। ये सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति न बने, इसके लिए वे प्रयास करेंगे।
चढ़ावे में चोरी का मामला
राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। हालांकि, इससे पहले ही मंदिर प्रशासन को इसकी जानकारी थी और गुप्त रूप से इसकी जांच की जा रही थी। इस मामले के उजागर होने के छह दिन बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि संजय प्रसाद राज्य सरकार की ओर से मंदिर ट्रस्ट में पदेन सदस्य हैं, जिससे हितों के टकराव का मामला भी उठता है। एसआईटी की रिपोर्ट आने के दो दिन बाद, 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ लोगों को नामजद किया गया।
हालांकि, एफआईआर में चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे बड़े पदाधिकारियों का नाम नहीं था। गिरफ्तार लवकुश मिश्रा के बाबा जगदंबा प्रसाद मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनके पोते को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लवकुश अकेला दोषी नहीं है, बल्कि पूरा प्रबंधन जिम्मेदार है।
